कृषक हितेषी
कृषक हितेषी निर्णय
सफलता की कहानी
कृषि दर्शन
मण्डी भाव
कृषि समाचार
फोटो गैलरी
कृषि संबंधित जानकारी 
फसल केप्सूल
आकस्मिक कार्य योजना
बीज
उर्वरक
पौध संरक्षण
मिट्टी परीक्षण
कृषि यंत्रीकरण
बीज गुणवत्ता
उर्वरक गुणवत्ता
कृषि सांख्यिकी
जैविक खेती
जैविक खेती
उत्पाद पंजीकरण
जैविक कृषि नीति
खेती को लाभकारी बनाने के लिए सुझाव
विभागीय गतिविधियाँ
नोटिस बोर्ड
वरिष्ठता / स्थानांतरण सूचि
परिपत्र
निविदाएं
प्रकाशन
मुद्रा 2015-16
आकस्मिक कार्य योजना
खरीफ, रवी, सामान्य असामान्य परिस्थितियो में आकस्मिक कार्य योजना
राज्य-मध्यप्रदेश कृषि जलवायु क्षेत्र-कैमूर प्लेटो और सतपुडा की पहाडिया 

 क्रमांक परिस्थिति भूमि का प्रकार प्रस्तावित कार्य योजना 
1 मानसून की सामान्य स्थिति(15जून से आना) अ-हल्की भूमि
ब-लाल काली मिक्स्ड मध्यम भूमि
स- भारी भूमि 
मूंगफली,मक्का, हरीखाद बोयेमक्का सोयाबीन अरहरधान की बोआई एवं धान रोपणी लगाये ।

2 मानसून का सामान्य से 1-2 सप्ताह पूर्व आना

अ-हल्की भूमि
ब-लाल काली मिक्स्ड मध्यम भूमि
स-भारी भूमि
 

मक्का, मूंगफली बोये ।सोयाबीन अरहर मक्का बोयेधान की बोनी करें, एवं रोपणी डाले
3 मानसून का सामान्य से 2 सप्ताह बाद  

अ-हल्की भूमि
ब-लाल काली मिक्स्ड मध्यम भूमि
स-भारी भूमि
 

उडद मूंग ज्वार मक्का बोये सोयाबीन अरहर मूंग उडद मक्का ज्वार बोये । धान के रोपे लगाये, सोयाबीन बोये या हरीखाद लेवें ।

4 मानसून का सामान्य से 4सप्ताह बाद (15 जुलाई तक आना )

अ-हल्की भूमि
ब-लाल काली मिक्स्ड मध्यम भूमि
स-भारी भूमि
उडद मूंग तिल 25 प्रतिशत बीज दर बढाकर बोये ।सोयाबीन शंकरज्वार आदि शीध्र पकने वाली फसले बोये ।धान की रोपाई करें, सोयाबीन, मक्का की शीध्र पकने वाली फसले बोये बीज दर 25 प्रति0बढाये ।

5 मानसून का सामान्य से 6 सप्ताह बाद 30 जुलाई तक आना

समस्त प्रकार की भूमि रामतिल उडद तिल अरहर फसले 25 प्रति0 बीजदर बढाकर बोये ।

6 मानसून का सामान्य से 8 सप्ताह बाद 15 अगस्त तक आना समस्त प्रकार की भूमि 1-तिल,सूर्यमुखी, अरहर की फसले लेवें
2-नमी संरक्षण उपाय करें ।
3-खरपतवार नष्ट करें ।
4-हरीखाद बोये ।
5-रवी हेतु खेत तैयार करे ।

7 बोनी के 1 से 2सप्ताह बाद सूखे की स्थिति

समस्त प्रकार की भूमि बोई गई फसल में नमी संरक्षण के उपाय करें ।

8 बोनी के 2-4सप्ताह बाद सूखे की स्थिति

समस्त प्रकार की भूमि बीज नियंत्रण करें ।
नमी संरक्षण के उपाय करें ।
सिंचाई की व्यवस्था करें ।
 

9 मानसून का शीध्र चले जाना  समस्त प्रकार की भूमि विभिन्न उपायो द्वारा जलसंरक्षण करें।जीवन रक्षक सिंचाई से फसल को बचाये ।फसले खराब हो जाने पर इसे पलट दें एव रवी की फसल लेने हेतु खेत में नमी संरक्षित करें ।

10 अतिवृष्टि समस्त प्रकार की भूमि  फसलो की प्रारंभिक स्थिति में जहां बोनी करना संभव न हो धान की नर्सरी से पौध प्राप्त कर धान की रोपाई करें हरी खाद की बोआई करे। जहां फसल बोई गई है वहा जल निकासी की व्यवस्था करें । खेत में भरे जल की निकासी करें यदि फसल नष्ट हो गई हो तो उसे पलटकर रवी की फसल लेने हेतु खेत की तैयारी करें ।

11 विशेष परिस्थिति  - 1-प्रमाणित बीजो का उपयोग करें।
2-बीजोपचार करें ।
3-समस्त परिस्थितियो में समन्वित पोषण प्रबंधन अपनाये ।
4-खरपतवार को नष्ट करें ।
5-सोयाबीन फसल में जल की निकासी करें

6-अरहर सोयाबीन की अंतरवर्ती फसले अपनाये ।


M.P. Krishi
 
किसान को दी जाने वाली सुविधायें |डाउनलोड फॉण्ट|डिस्क्लेमर|वेब सूची|उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका|ू. दिगदर्शिका|अचल सम्पति

वेबसाइट:आकल्पन,संधारण एवं अघयतन क्रिस्प भोपाल द्वारा   
This site is best viewed in IE 6.0 and above with a 1024x768 monitor resolution
कृषिनेट  पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी, फोटो, लिंक, विडियो कल्याण तथा कृषि विकास संचालनालय एवं विभाग के अन्य सहयोगी संस्थानों द्वारा उपलब्ध करायी गई है