कृषक हितेषी
कृषक हितेषी निर्णय
सफलता की कहानी
कृषि दर्शन
मण्डी भाव
कृषि समाचार
फोटो गैलरी
कृषि संबंधित जानकारी 
फसल केप्सूल
आकस्मिक कार्य योजना
बीज
उर्वरक
पौध संरक्षण
मिट्टी परीक्षण
कृषि यंत्रीकरण
बीज गुणवत्ता
उर्वरक गुणवत्ता
कृषि सांख्यिकी
जैविक खेती
जैविक खेती
उत्पाद पंजीकरण
जैविक कृषि नीति
खेती को लाभकारी बनाने के लिए सुझाव
विभागीय गतिविधियाँ
नोटिस बोर्ड
वरिष्ठता / स्थानांतरण सूचि
परिपत्र
निविदाएं
प्रकाशन
मुद्रा 2015-16

फसल सिफारिशें

खरीफ फसल - असिंचित लोलेन्ड धान 

  खेत तैयारी

हल्की मिट्टी :-

  1. रोपण के तीन सप्ताह पहले सूखे में जुताई करें एवं खेत में 5 से 10 से.मी. तक पानी भरे।

  2. इसके बाद 10 टन अच्छी तरह सड़ी हुई खाद या 10 से 20 टन हरी खाद ( सेसबेनिया, सनहेंप, ग्लेरीशिडिया या लोबिया -को मिलाकर मचायें।

  3. हरी खाद को खरीफ मौसम के पहले उगाए।

  4. ग्लेरीशिडिया को मेढ़ों पर उगाया जा सकता है।

  5. मिट्टी को मचाने से पहले उर्वरक की बेसल मात्रा डाले।

  6. खेत को समतल करें।

  7. अवर्षा की स्थिति में सिंचाई उपलब्ध होने पर भूमि की तैयारी इस प्रकार करें।

  8. पहली वर्षा होने पर लम्बाई एवं चौड़ाई में खेत की जुताई करें।

  9. रोपाई के तीन दिन पहले खेत में पानी भर दे।

  10. उर्वरक की बेसल मात्रा आखिरी बार मिट्टी मिलाने से पूर्व डाले।

मध्यम मिट्टी :-

  1. रोपण के तीन सप्ताह पहले सूखे में जुताई करें एवं खेत में 5 से 10 से.मी. तक पानी भरे।

  2. इसके बाद 10 टन अच्छी तरह सड़ी हुई खाद या 10 से 20 टन हरी खाद ( सेसबेनिया, सनहेंप, ग्लेरीशिडिया या लोबिया को मिलाकर मचायें।

  3. हरी खाद को खरीफ मौसम के पहले उगाए।

  4. ग्लेरीशिडिया को मेढ़ों पर उगाया जा सकता है।

  5. मिट्टी को मचाने से पहले उर्वरक की बेसल मात्रा डाले।

  6. खेत को समतल करें।

  7. अवर्षा की स्थिति में सिंचाई उपलब्ध होने पर भूमि की तैयारी इस प्रकार करें।

  8. पहली वर्षा होने पर लम्बाई एवं चौड़ाई में खेत की जुताई करें।

  9. रोपाई के तीन दिन पहले खेत में पानी भर दे।

  10. उर्वरक की बेसल मात्रा आखिरी बार मिट्टी मिलाने से पूर्व डाले।

भारी मिट्टी :-

  1. रोपण के तीन सप्ताह पहले सूखे में जुताई करें एवं खेत में 5 से 10 से.मी. तक पानी भरे।

  2. इसके बाद 10 टन अच्छी तरह सड़ी हुई खाद या 10 से 20 टन हरी खाद ( सेसबेनिया, सनहेंप, ग्लेरीशिडिया या लोबिया को मिलाकर मचायें।

  3. हरी खाद को खरीफ मौसम के पहले उगाए।

  4. ग्लेरीशिडिया को मेढ़ों पर उगाया जा सकता है।

  5. मिट्टी को मचाने से पहले उर्वरक की बेसल मात्रा डाले।

  6. खेत को समतल करें।

  7. अवर्षा की स्थिति में सिंचाई उपलब्ध होने पर भूमि की तैयारी इस प्रकार करें।

  8. पहली वर्षा होने पर लम्बाई एवं चौड़ाई में खेत की जुताई करें।

  9. रोपाई के तीन दिन पहले खेत में पानी भर दे।

  10. उर्वरक की बेसल मात्रा आखिरी बार मिट्टी मिलाने से पूर्व डाले।


M.P. Krishi
 
किसान को दी जाने वाली सुविधायें |डाउनलोड फॉण्ट|डिस्क्लेमर|वेब सूची|उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका|ू. दिगदर्शिका|अचल सम्पति

वेबसाइट:आकल्पन,संधारण एवं अघयतन क्रिस्प भोपाल द्वारा   
This site is best viewed in IE 6.0 and above with a 1024x768 monitor resolution
कृषिनेट  पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी, फोटो, लिंक, विडियो कल्याण तथा कृषि विकास संचालनालय एवं विभाग के अन्य सहयोगी संस्थानों द्वारा उपलब्ध करायी गई है