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मुद्रा 2015-16

फसल सिफारिशें

ख़रीफ फसल - असिंचित अपलेन्ड धान  
कटाई एवं गहाई

कटाई :-

  1. धान की कटाई उस समय करना चाहिए जब उसका नमी प्रतिशत 22 से 28 हो।

  2. जब बालियां अपने वजन से झुक जाए और दाने बहुत कड़े और हरे न हो। यह अवस्था कटाई के लिए उपयुक्त है।

  3. अगर कटाई के समय दानों में नमी ज्यादा हो तो फंफूद लगने, कीड़े लगने या दाने के अंकुरण होने की समस्या ज्यादा हो जाती है।

  4. अगर फसल पकने के बाद ज्यादा समय में खेत में रहे तो चूहे,पक्षी एवं अन्य कीटों से नुकसान हो सकता है।

  5. धान के खेत से पहले पानी निकासी करें और इसके बाद कटाई करें।

  6. अगर दानों की परिपक्वता के पहले कटाई करें तो दाने की गुणवत्ता का हनन हो सकता है।

  7. हाथ से कटाई के लिए परिपक्व धान के पौधे को जमीन से 20 से 30 से.मी. ऊपर से हंसिए की मदद से काटा जाता है।

  8. यांत्रिक कटाई कम्बाइन हारवेस्टर की मदद से की जाती है। ये एक बड़ी चलित मशीन है जो कि कटाई, गहाई एवं सफाई एक साथ करती है।

  9. यह मशीन 350 से 800 कि.ग्रा.धान 1 घंटे में निकालती है। तथा दानों का ह्यस 3 प्रतिशत से भी कम है।

गहाई :-

  1. कटाई के बाद दानों को सुखाए एवं उसके बाद में गहाई करें।

  2. गहाई थेसर की मदद से की जाती है।

उड़ावनी :-

  1. उड़ावनी की आवश्यकता नहीं होती है।


M.P. Krishi
 
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