कृषक हितेषी
कृषक हितेषी निर्णय
सफलता की कहानी
कृषि दर्शन
मण्डी भाव
कृषि समाचार
फोटो गैलरी
कृषि संबंधित जानकारी 
फसल केप्सूल
आकस्मिक कार्य योजना
बीज
उर्वरक
पौध संरक्षण
मिट्टी परीक्षण
कृषि यंत्रीकरण
बीज गुणवत्ता
उर्वरक गुणवत्ता
कृषि सांख्यिकी
जैविक खेती
जैविक खेती
उत्पाद पंजीकरण
जैविक कृषि नीति
खेती को लाभकारी बनाने के लिए सुझाव
विभागीय गतिविधियाँ
नोटिस बोर्ड
वरिष्ठता / स्थानांतरण सूचि
परिपत्र
निविदाएं
प्रकाशन
मुद्रा 2015-16
फसल सिफारिशें

ख़रीफ फसल - असिंचित अपलेन्ड धान  

  पोषण विकृति - असिंचित अपलेन्ड धान  


तत्व

नाइट्रोजन

चिन्ह

  N

विकृति लक्षण

  1. कल्ले, पेनिक्ल की संख्या कम हो जाती हैं तथा पत्तियां रंगहीन हो जाती है।

  2. नीचे की पुरानी पत्तियाँं ज्यादा प्रभावित होती है।

  3. पूरा खेत पीला दिखाई देता है।

  4. अत्याधिक कमी से दानों का वजन कम हो जाता है।

उपचार

  1. नाइट्रोजन उर्वरकों की अनुमोदित मात्रा का उपयोग करे।

  2. नाइट्रोजन उर्वरकों का पत्तियों पर छिड़काव करें।

संसाधन

  1. विभिन्न उर्वरकों में नाइट्रोजन की प्रतिशत मात्रा -
    अमोनियम सल्फेट - 20 प्रतिशत
    अमोनियम सल्फेट नाइटे्रट - 26 प्रतिशत
    यूरिया - 46 प्रतिशत
    अमोनियम क्लोराइड - 25 प्रतिशत
    कैलशीयम अमोनियम नाइटे्रट- 25 प्रतिशत
    नाइट्रोफॉस - 14 प्रतिशत
    डाईअमोनियम फास्फेट - 18 प्रतिशत


तत्व

  आयन लोहा

चिन्ह

   Fe

विकृति लक्षण

  1. लौह तत्व की मात्रा थोड़ी कम होने पर पौधे की वृध्दि न रूकते हुये, नई पत्तियों की अंत:शिरायें हरिमाहीन हो जाती है।

  2. मध्यम रूप से कमी होने पर हरी शिरायें पीली पड़ने लगती है, परन्तु पुरानी पत्तियां हरी रहती है।

  3. अधिक कमी होने पर पूरी पत्तियों की सतह हल्के पीले से सफेद हो जाती है एवं नई पत्तियों का हरा रंग नष्ट हो जाता है।

  4. अत्याधिक कमी होने पर पौधें सफेद होकर नष्ट हो जाते हैं।

उपचार

  1. 1 प्रतिशत फेरस सल्फेट का पत्तियों पर छिड़काव करें।

  2. अत्याधिक प्रभावित क्षेत्रों में 3 बार 5-7 दिन के अन्तराल से छिड़काव करें।

  3. सस्बेनिया एक्यूलेटा (ढेंचा) हरी खाद भी उपयुक्त है।

संसाधन

  1. विभिन्न उर्वरकों में लौह तत्व की प्रतिशत मात्रा -

    फेरस सल्फेट 20 प्रतिशत
     


तत्व

  जिंक 

चिन्ह

   Zn

विकृति लक्षण

  1. रोपण के 15-20 दिन बाद, पुरानी पत्तियों पर लक्षण दिखाई देता है।

  2. पुरानी पत्तियां रंगहीन हो जाती हैं साथ ही उनमें छितरे हुये हल्के पीले-भूरे धब्बे दिखाई देते हैं।

  3. मार्जिन का हरा रंग हल्का पीला-सफेद हो जाता है।

  4. लक्षण समय के साथ बड़ते जाते हैं, धब्बे मिलकर बडे हो जाते हैं।

  5. पत्तियों का बड़ना रूक जाता है एवं पौधे झाड़ि जैसे हो जाते हैं।

  6. पत्तियां सूखकर गिर जाती है।

  7. बालियां देर से आती हैं एवं फसल देर से पकती हैं।
     

उपचार

  1. मिट्टी मे जिंक सल्फेट 5 कि.ग्रा# हे मिलाए।

  2. 2 प्रतिशत जिंक सल्फेट का पत्तियों पर छिड़काव करें।

संसाधन

  1. विभिन्न उर्वरकों में जिंक की प्रतिशत मात्रा -
    जिंक सल्फेट 22-35 प्रतिशत


तत्व

 पोटेशियम

चिन्ह

   K

विकृति लक्षण

  1. पौधे का बढ़ना रूक जाता है ।

  2. पत्तियां गहरे हरे रंग की हो जाती है।

  3. सूखे के लिये प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।

  4. टिश्यू नष्ट हो जाती एवं पत्तियां सूख जाती है।

  5. लक्षण नई पत्तियों पर फैल जाते हैं एवं अन्त में पौधा मर जाता है।

  6. पोटेशियम की कमी से जड़ कमजोर होकर सड़न रोग से ग्रसित हो जाते हैं।

  7. रोग का आक्रमण बड़ जाता है एवं फसल की गुणवत्ता कम हो जाती है।

  8. पूरानी पत्तियों पर सफेद, पीला या नारंगी धब्बे एवं धारियां आ जाती हैं।

उपचार

  1. पोटेशियम आधरित उर्वरकों का उपयोग करें।

संसाधन

  1. विभिन्न उर्वरकों में पोटेशियम की प्रतिशत मात्रा -

    पोटॉश का मुरेट 60 प्रतिशत
    ग्रोमोर 14 प्रतिशत


तत्व

 सल्फर

चिन्ह

   S

विकृति लक्षण

  1. शुरूवात में पत्तियां एवं उसके किनारे पीली पड़ जाती है।

  2. कल्ले निकलते समय पूरा पौधा रंगहीन हो जाता है।

  3. पौधे की ऊंचाई एवं कल्लों की संख्याकम हो जाती है।

  4. वालें छोटी एवं कम एवं छोटे होती है।

  5. पौधे क ा विक ास रू क जाता है।

  6. पत्तियां क ा आक ार छोटा और रंग हल्क ा हर ा हो जाता है।

उपचार

  1. विभिन्न उर्वरकों में सल्फर की प्रतिशत मात्रा
    अमोनियम सल्फेट 24 प्रतिशत
    सिंगल सुपर फास्फेट 12 प्रतिशत
    पैरामफॉस 15 प्रतिशत

संसाधन

  1. हल्की मिट्टी में 20 कि.ग्रा. सल्फर एवं भारी मिट्टी में 40 कि.ग्रा. सल्फर डाले।


M.P. Krishi
 
किसान को दी जाने वाली सुविधायें |डाउनलोड फॉण्ट|डिस्क्लेमर|वेब सूची|उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका|ू. दिगदर्शिका|अचल सम्पति

वेबसाइट:आकल्पन,संधारण एवं अघयतन क्रिस्प भोपाल द्वारा   
This site is best viewed in IE 6.0 and above with a 1024x768 monitor resolution
कृषिनेट  पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी, फोटो, लिंक, विडियो कल्याण तथा कृषि विकास संचालनालय एवं विभाग के अन्य सहयोगी संस्थानों द्वारा उपलब्ध करायी गई है