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मुद्रा 2015-16
फसल सिफारिशें

खरीफ फसल - मक्का
  कटाई एवं गहाई
कटाई :-

  1. मक्का के भुट्टे की तुड़ाई दो अवस्था में की जाती है।
  2. भुज के खाने के लिए उस समय तोड़ा जाता है जब दाना नर्म एवं खाने योग्य हो और भुट्टा हरा हो।
  3. हरे भुट्टे की तुड़ाई की अवस्था में दानों में नमी का प्रतिशत 32 से 38 होना चाहिए।
  4. दूसरी अवस्था में तुड़ाई वनस्पति परिवक्वता आने के 15 दिन बाद करें।
  5. जब पत्तियों भूरी सुनहरी हो जाए तो तुड़ाई करना चाहिए।
  6. खड़े पौधों में से भुट्टा हाथों से तोड़ा जाता है तथा उसके बाद जमीन पर सुखाने के लिए छोड़ दिया जाता है।
  7. सूखी अवस्था में दानों में नमी का प्रतिशत 23 से 28 होता है।
  8. भुट्टी की कटाई हंसियें की मदद से भी की जा सकती है।
  9. यांत्रिक कटाई के लिए कॉर्न पीकर, कार्न शेलर या कम्बाइन र्हावेस्टर का उपयोग किया जाता है।
  10. कार्नस्नेपर से केवल भुट्टे काटे जा सकते है।

गहाई :-

  1. चूंकि मक्का का दाना बड़ा होता है इसलिए इसकी उड़ावनी नहीं की जाती है तथा इसके दाने ग्रंडिग अथवा छानने से आसानी से अलग हो जाते है।

उड़ावनी :-

  1. हरे मक्का के दाने स्थानीय या जिले के बाजार में बेचा जा सकता है।
  2. ऐसे थ्रेशर उपलब्ध है जिसमें पूरा भुट्टा डालते है और दाना और हस्क अलग अलग हो जाते है।
  3. यदि उपज अधिक हो तो मक्का के शेलर या हुलर्स का उपयोग किया जाता है।फिर दानों को 4 से 6 दिनों तक सुखाया जाता है और भंडारित कर दिया जाता है।
     

M.P. Krishi
 
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