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मुद्रा 2015-16
फसल सिफारिशें

ख़रीफ फसल - मक्का

 पोषण विकृति - मक्का


तत्व

लोहा

चिन्ह

   Fe

विकृति लक्षण

  1. ऊपरी पत्तियों की अंत:शिरायें हल्के हरे रंग में बदल जाती है।

  2. अगर लौह तत्व की कमी बनी रहती है तो पत्तियां हल्के हरे से सफेद हो जाती है।

उपचार

  1. लोहे की कमी पूरी करने के लिए 10 कि.ग्रा/ हे फेरेस सल्फेट 450 लीटर पानी के धोल में मिलाकर छिड़काव करें।

संसाधन
  1. विभिन्न उर्वरकों में लौह तत्व की प्रतिशत मात्रा :-
    फेरस सल्फेट 20 प्रतिशत


तत्व

मेगनिशियम

चिन्ह

   Mg

विकृति लक्षण

  1. पत्तियों पर पीले से सफेद धारियां अत:शिराओं पर दिखाई पड़ती है।

  2. यदि मैगनिशियम की कमी ज्यादा समय तक रहती है तो मृत गोलाकार धब्बे बन जाते है।

  3. पुरानी पत्तियां लाल बेंगनी हो जाती है।

  4. अत:शिरायें रंगहीन हो जाती है।

उपचार

  1. अत्याधिक कमी होने पर 6 से 8 कि.ग्रा/हे मैगनिशियम सल्फेट का छिड़काव करें।

  2. मैगनीशियम दानेदार उर्वरकों का उपयोग इस कमी की पूर्ति के लिए किया जाता है।

 

संसाधन
  1. विभिन्न उर्वरकों एवं चीलेटस में मैगनिशियम की मात्रा :-

    मैगनीशियम चीलेट 5.5 प्रतिशत


तत्व

 मैगनीज 

चिन्ह

   Mn

विकृति लक्षण

  1. मैगनीज की कमी से पत्तियां ऑलिव ग्रीन रंग की हो जाती है।

  2. अत्याधिक कमी से पत्तियों के मारर्जन ऊतकक्षयी हो जाते है।

उपचार

  1. मैगनीज की पूर्ति के लिए उन उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए जिनमें मिट्टी के लिए मैगनीज हो।

  2. 5 से 15 कि.ग्रा /हे के दर से या मिट्टी परीक्षण मान के आधार पर उर्वरक का उपयोग करना चाहिए।

संसाधन
  1. विभिन्न उर्वरकों में मैगनीज़ तत्व की प्रतिशत मात्रा :-
    मैगनीज़ सल्फेट 23 प्रतिशत


तत्व

नाईट्रोजन  


चिन्ह

  N

विकृति लक्षण

  1. जिन पौधों में नाईट्रोजन की कमी होती है वे बौने रह जाते है और पीले पड़ जाते है।

  2. पीलापन सबसे पहले निचली पुरानी पत्तियों पर दिखाई देता है।

  3. अन्याधिक कमी होने पर निचली पत्तियां भूरे रंग में बदल जाती है और मर जाती है।

  4. नाईट्रोजन की कमी से पौधे की वनस्पति वृध्दि धीमी पड़ जाती है एवं फूल और फलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

उपचार

  1. अनुमोदित एवं मिट्टी परीक्षण मान के आधार पर नत्रजन की सही मात्रा का उपयोग करें।

संसाधन
  1. विभिन्न उर्वरकों में नत्रजन तत्व की प्रतिशत मात्रा :-
    अमोनियम सल्फेट 20 प्रतिशत
    अमोनियम सल्फेट नाइट्रेट 26 प्रतिशत
    यूरिया 46 प्रतिशत
    अमोनियम क्लोराइड 25 प्रतिशत
    कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट 25 प्रतिशत
    नाइट्रोफॉस 14 प्रतिशत
    डाईअमोनियम फास्फेट 18 प्रतिशत


तत्व

सल्फर  

 

चिन्ह

  S

विकृति लक्षण

  1. सल्फर की कमी होने पर पत्तियों का रंग हल्का पीला या हल्का हरा हो जाता है।

  2. पौधे छोटे और पतले हो जाते है ।

  3. पौधे का विकास अत्याधिक धीमा हो जाता है एवं तने सख्त लकड़ी जैसे हो जाते है।

  4. बाद की अवस्थाओं में तने का आधार लाल पड़ जाता है।

  5. सल्फर की कमी से अत:शिरायें रंगहीन एवं पकने की अवधि बढ़ जाती है।

उपचार

  1. सल्फेट आयन के रूप में सल्फर मिट्टी में अवशोषित होते है।

  2. सल्फर के लिए मिट्टी परीक्षण मान ज्ञात करके ही सल्फर आधारित उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए।

  3. अमोनियम सल्फेट सल्फेट ऑफ पोटॉश आदि उर्वरकों का उपयोग करें।

संसाधन
  1. विभिन्न उर्वरकों में सल्फर तत्व की प्रतिशत मात्रा :-
    अमोनियम सल्फेट 24 प्रतिशत
    सिंगल सुपर फास्फेट 12 प्रतिशत
    पैरमफॉस 15 प्रतिशत


तत्व

फास्फोरस

 

चिन्ह

  P

विकृति लक्षण

  1. नई पौधों में कमी के लक्षण दिखाई पड़ते है।

  2. फास्फोरस की कमी से पौधों के विकास में कमी आ जाती है।

  3. फास्फोरस की कमी से पौधों में नत्रजन से भोजन में बदलने की प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ता है।

उपचार

  1. फास्फोरस की कमी की पूर्ति के लिये नियमित मिट्टी परीक्षण कराना चाहिए एवं उसके आधार पर फास्फोरस आधारित उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए।

  2. फास्फोरस को फसल के शुरूआत में ही देना चाहिए। परिपक्व अवस्था में फास्फोरस को देने पर पौधे इसका उपयोग नहीं कर पाते है।

  3. अनुमोदित मात्रा में फास्फोरस का उपयोग करने से पोषण विकृति को रोका जा सकता है।

संसाधन
  1. विभिन्न उर्वरकों में फास्फोरस तत्व की प्रतिशत मात्रा :-
    सिंगल सुपर फास्फेट 16 प्रतिशत
    डबल सुपर फास्फेट 32 प्रतिशत
    ट्रिपल सुपर फास्फेट 46 प्रतिशत
    रॉक फास्फेट 33 प्रतिशत
    नाइट्रोफॉस 14 प्रतिशत
    डाईअमोनियम फास्फेट 46 प्रतिशत
     


तत्व

जिंक

 

चिन्ह

  Zn

विकृति लक्षण

  1. जिंक की कमी को मक्के में वाइट बड कहते है।

  2. जिंक की कमी के लक्षण पत्तियों में दिखाई पड़ते है।

  3. पत्तियों की अत:शिरायें धारियों में बदल जाती है।

  4. नई पत्तियां अक्सर सफेद रंग की निकलती है।

  5. पौधों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया को जिंक की कमी कम कर देती है।

  6. फूल एवं भुट्टे में कमी आती है।

उपचार

  1. कुपोषित मिट्टी को जिप्सम से उपचारित करें।

संसाधन
  1. विभिन्न उर्वरकों में जिंक तत्व की प्रतिशत मात्रा :-
    जिंक फास्फेट 22-35 प्रतिशत


M.P. Krishi
 
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