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मुद्रा 2015-16

फसल सिफारिशें

खरीफ फसल- मूंग

सुझाव

  1. बोनी का उचित समय जून के आखिरी सप्ताह से जुलाई के दूसरे सप्ताह तक है।

  2. मध्यम भूमि जिनका पी.एच. 7-8 हो मूंग के लिए उपयुक्त है।

  3. जल निकास की उत्तम व्यवस्था करें।

  4. अन्तरवर्तीय फसलें जैसे ज्वार या मक्का या अरहर उगाए।

  5. यह एक कम अवधि की फसल है इसलिए दूसरी फसल समय पर बोये।

  6. पोटाश की मात्रा मिट्टी परीक्षण मान ज्ञात होने के बाद ही मिलाए।

  7. 1 ग्राम कार्बानडजिम और 2 ग्राम थाईरम से बीज उपचारित करें।

  8. 5 ग्राम राईजानियम कल्चर की सहायता से बीज शोधन करें।

  9. 20 कि.ग्रा. नत्रजन 50 कि.ग्रा. फास्फोरस को बेसल मात्रा के रूप में मिट्टी में मिलाए।

  10. कतार से कतार की दूरी 30 से.मी. एवं पौधे की पौधे से दूरी 10 से.मी. रखें।

  11. बोनी के 20-25 दिन एवं 40-45 दिन बाद नींदा हटाये।

  12. बासालीन और पेन्डीमिथलीन 2 लीटर#हे 600 लीटर पानी में घोलकर बुआई के तुरन्त बाद छिड़काव करें।

  13. जिन क्षेत्रों में पीला मोजक वायरस की समस्या हो वहां पर प्रतिरोधक किस्में उगाए।

  14. एन.पी.के.एस. को 10 कि.ग्रा. बॉक्सा में मिला के डाले। यह फसल के लिए उपयोगी है।

  15. बीज पर 1 ग्राम नीम तेल या जे.एन.ए.यू नं. 60 ई.सी. का आलेप करें तो बुचीड द्वारा की गई हानि से बचाव हो सकता है।

  16. फसल की निम्नलिखित क्रान्तिक अवस्थाओं में नमी, पोषण,गर्मी, धूप और खरपतवार आदि के दबाव से बचाना चाहिए।

  17. अकुंरण, कली आने के पहले, फूले आने पर, फल्ली बनने और फल्ली पकने पर।

M.P. Krishi
 
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