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मुद्रा 2015-16
फसल सिफारिशें

खरीफ फसल - संकर धान

भंडारण कीट - संकर धान


कीट राइस वीवल  
प्रचलित नाम सूंड वाली सुरसरी    

 
आई.पी. एम  स्टीफेलस ओराइजी
नियंत्रण 

अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए निम्नलिखित बिन्दूओं का ध्यान रखना चाहिए।

  1. भंडारण के पहले दाने अच्छी तरह से सूखे एवं ठन्डे होना चाहिए।
  2. अनाज में किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं होना चाहिए।
  3. दाने बहुत कम नमी वाले स्थान पर भंडारित करना चाहिए और नमी से दूर रखना चाहिए।
  4. भंडारित स्थान पर वर्षा आदि का पानी नहीं प्रवेश करना चाहिए।
  5. भंडारित स्थान स्वच्छ एवं साफ रहना चाहिए।
  6. ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारित स्थानों के दरवाजे खिडकियां आदि धूप वाले दिनों में खोल देना चाहिए।
  7. क्षतिग्रस्त एवं टूटे बैग आदि को तुरन्त बदल देना चाहिए।
  8. भंडारित स्थान पर कुछ हवा का प्रवेश रहना चाहिए।
  9. बडे भंडारित स्थानों पर समय समय पर साफ सफाई करना चाहिए एवं गंदगी एवं फैले दानों को अलग कर देना चाहिए।
  10. अच्छे एवं सुरक्षित भंडारित पात्रों को उपयोग में लाना चाहिए।
  11. ई.डी.बी.इन्जेक्शन का उपयोग 3 मि.ली. /क् िया 22 मि.ली. प्रति क्यूबिक मीटर करना चाहिए। और यह ध्यान रखना चाहिए कि इन्जेक्शन टूटने के 7 दिन बाद तक पात्रों में हवा का प्रवेश न हो। या मेलाथीओन 50 ई.सी. 3 मि.ली / 100 वर्ग मीटर 1:100 के अनुपात में पानी के साथ 15 दिन के अन्तराल में उपयोग करें।
  12. यदि चूहों की समस्या हो तो 2 भाग जिंक फास्फाइड, 96 भाग आटा एवं 2 भाग कोई भी खाद्य तेल को अच्छी तरह से मिलाए। इसकी गोलियां बनाए एवं चूहों को आर्कषित करें।
 

कीट घुन    

 
प्रचलित नाम घुन
आई.पी. एम  राइजोपरथा डोमिनीका
नियंत्रण 

अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए निम्नलिखित बिन्दूओं का ध्यान रखना चाहिए।

  1. भंडारण के पहले दाने अच्छी तरह से सूखे एवं ठन्डे होना चाहिए।
  2. अनाज में किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं होना चाहिए।
  3. दाने बहुत कम नमी वाले स्थान पर भंडारित करना चाहिए और नमी से दूर रखना चाहिए।
  4. भंडारित स्थान पर वर्षा आदि का पानी नहीं प्रवेश करना चाहिए।
  5. भंडारित स्थान स्वच्छ एवं साफ रहना चाहिए।
  6. ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारित स्थानों के दरवाजे खिडकियां आदि धूप वाले दिनों में खोल देना चाहिए।
  7. क्षतिग्रस्त एवं टूटे बैग आदि को तुरन्त बदल देना चाहिए।
  8. भंडारित स्थान पर कुछ हवा का प्रवेश रहना चाहिए।
  9. बडे भंडारित स्थानों पर समय समय पर साफ सफाई करना चाहिए एवं गंदगी एवं फैले दानों को अलग कर देना चाहिए।
  10. अच्छे एवं सुरक्षित भंडारित पात्रों को उपयोग में लाना चाहिए।
  11. ई.डी.बी.इन्जेक्शन का उपयोग 3 मि.ली. /क् िया 22 मि.ली. प्रति क्यूबिक मीटर करना चाहिए। और यह ध्यान रखना चाहिए कि इन्जेक्शन टूटने के 7 दिन बाद तक पात्रों में हवा का प्रवेश न हो। या मेलाथीओन 50 ई.सी. 3 मि.ली / 100 वर्ग मीटर 1:100 के अनुपात में पानी के साथ 15 दिन के अन्तराल में उपयोग करें।
  12. यदि चूहों की समस्या हो तो 2 भाग जिंक फास्फाइड, 96 भाग आटा एवं 2 भाग कोई भी खाद्य तेल को अच्छी तरह से मिलाए। इसकी गोलियां बनाए एवं चूहों को आर्कषित करें।

कीट खपरा    

प्रचलित नाम पई
आई.पी. एम  ट्रोगोडरमा ग्रेनेरियम
नियंत्रण 

अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए निम्नलिखित बिन्दूओं का ध्यान रखना चाहिए।

  1. भंडारण के पहले दाने अच्छी तरह से सूखे एवं ठन्डे होना चाहिए।
  2. अनाज में किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं होना चाहिए।
  3. दाने बहुत कम नमी वाले स्थान पर भंडारित करना चाहिए और नमी से दूर रखना चाहिए। भंडारित स्थान पर वर्षा आदि का पानी नहीं प्रवेश करना चाहिए।
  4. भंडारित स्थान स्वच्छ एवं साफ रहना चाहिए।
  5. ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारित स्थानों के दरवाजे खिडकियां आदि धूप वाले दिनों में खोल देना चाहिए।
  6. क्षतिग्रस्त एवं टूटे बैग आदि को तुरन्त बदल देना चाहिए।
  7. भंडारित स्थान पर कुछ हवा का प्रवेश रहना चाहिए।
  8. बडे भंडारित स्थानों पर समय समय पर साफ सफाई करना चाहिए एवं गंदगी एवं फैले दानों को अलग कर देना चाहिए।
  9. अच्छे एवं सुरक्षित भंडारित पात्रों को उपयोग में लाना चाहिए।
  10. ई.डी.बी. इन्जेक्शन का उपयोग 3 मि.ली. /क् िया 22 मि.ली. प्रति क्यूबिक मीटर करना चाहिए। और यह ध्यान रखना चाहिए कि इन्जेक्शन टूटने के 7 दिन बाद तक पात्रों में हवा का प्रवेश न हो। या मेलाथीओन 50 ई.सी. 3 मि.ली / 100 वर्ग मीटर 1:100 के अनुपात में पानी के साथ 15 दिन के अन्तराल में उपयोग करें।
  11. यदि चूहों की समस्या हो तो 2 भाग जिंक फास्फाइड, 96 भाग आटा एवं 2 भाग कोई भी खाद्य तेल को अच्छी तरह से मिलाए। इसकी गोलियां बनाए एवं चूहों को आर्कषित करें।

कीट इन्डियन मील माथ  
प्रचलित नाम मक्का का पंतगा     

 
आई.पी. एम  प्लोडिया इन्टरपंकटेला
नियंत्रण 

अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए निम्नलिखित बिन्दूओं का ध्यान रखना चाहिए।

  1. भंडारण के पहले दाने अच्छी तरह से सूखे एवं ठन्डे होना चाहिए।
  2. अनाज में किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं होना चाहिए।
  3. दाने बहुत कम नमी वाले स्थान पर भंडारित करना चाहिए और नमी से दूर रखना चाहिए।
  4. भंडारित स्थान पर वर्षा आदि का पानी नहीं प्रवेश करना चाहिए।
  5. भंडारित स्थान स्वच्छ एवं साफ रहना चाहिए।
  6. ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारित स्थानों के दरवाजे खिडकियां आदि धूप वाले दिनों में खोल देना चाहिए।
  7. क्षतिग्रस्त एवं टूटे बैग आदि को तुरन्त बदल देना चाहिए।
  8. भंडारित स्थान पर कुछ हवा का प्रवेश रहना चाहिए।
  9. बडे भंडारित स्थानों पर समय समय पर साफ सफाई करना चाहिए एवं गंदगी एवं फैले दानों को अलग कर देना चाहिए।
  10. अच्छे एवं सुरक्षित भंडारित पात्रों को उपयोग में लाना चाहिए।
  11. ई.डी.बी. इन्जेक्शन का उपयोग 3 मि.ली. /क् िया 22 मि.ली. प्रति क्यूबिक मीटर करना चाहिए। और यह ध्यान रखना चाहिए कि इन्जेक्शन टूटने के 7 दिन बाद तक पात्रों में हवा का प्रवेश न हो। या मेलाथीओन 50 ई.सी. 3 मि.ली / 100 वर्ग मीटर 1:100 के अनुपात में पानी के साथ 15 दिन के अन्तराल में उपयोग करें।
  12. यदि चूहों की समस्या हो तो 2 भाग जिंक फास्फाइड, 96 भाग आटा एवं 2 भाग कोई भी खाद्य तेल को अच्छी तरह से मिलाए। इसकी गोलियां बनाए एवं चूहों को आर्कषित करें।

कीट आमान्ड या फीग मोथ  
प्रचलित नाम गोदाम का पंतगा   
आई.पी. एम  काडरा ( इफेसटिया ) कॉटिला
नियंत्रण 

अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए निम्नलिखित बिन्दूओं का ध्यान रखना चाहिए।

  1. भंडारण के पहले दाने अच्छी तरह से सूखे एवं ठन्डे होना चाहिए।
  2. अनाज में किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं होना चाहिए।
  3. दाने बहुत कम नमी वाले स्थान पर भंडारित करना चाहिए और नमी से दूर रखना चाहिए।
  4. भंडारित स्थान पर वर्षा आदि का पानी नहीं प्रवेश करना चाहिए।
  5. भंडारित स्थान स्वच्छ एवं साफ रहना चाहिए।
  6. ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारित स्थानों के दरवाजे खिडकियां आदि धूप वाले दिनों में खोल देना चाहिए।
  7. क्षतिग्रस्त एवं टूटे बैग आदि को तुरन्त बदल देना चाहिए।
  8. भंडारित स्थान पर कुछ हवा का प्रवेश रहना चाहिए।
  9. बडे भंडारित स्थानों पर समय समय पर साफ सफाई करना चाहिए एवं गंदगी एवं फैले दानों को अलग कर देना चाहिए।
  10. अच्छे एवं सुरक्षित भंडारित पात्रों को उपयोग में लाना चाहिए।
  11. ई.डी.बी. इन्जेक्शन का उपयोग 3 मि.ली. /क् िया 22 मि.ली. प्रति क्यूबिक मीटर करना चाहिए। और यह ध्यान रखना चाहिए कि इन्जेक्शन टूटने के 7 दिन बाद तक पात्रों में हवा का प्रवेश न हो। या मेलाथीओन 50 ई.सी. 3 मि.ली / 100 वर्ग मीटर 1:100 के अनुपात में पानी के साथ 15 दिन के अन्तराल में उपयोग करें।
  12. यदि चूहों की समस्या हो तो 2 भाग जिंक फास्फाइड, 96 भाग आटा एवं 2 भाग कोई भी खाद्य तेल को अच्छी तरह से मिलाए। इसकी गोलियां बनाए एवं चूहों को आर्कषित करें।

कीट शॉटूथ्ड ग्रेनबीटल  
प्रचलित नाम चावल की सुरसुरी    

 
आई.पी. एम  ओराइजीफिलियस सूरीनेमेनसिस
नियंत्रण 

अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए निम्नलिखित बिन्दूओं का ध्यान रखना चाहिए।

  1. भंडारण के पहले दाने अच्छी तरह से सूखे एवं ठन्डे होना चाहिए।
  2. अनाज में किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं होना चाहिए।
  3. दाने बहुत कम नमी वाले स्थान पर भंडारित करना चाहिए और नमी से दूर रखना चाहिए।
  4. भंडारित स्थान पर वर्षा आदि का पानी नहीं प्रवेश करना चाहिए।
  5. भंडारित स्थान स्वच्छ एवं साफ रहना चाहिए।
  6. ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारित स्थानों के दरवाजे खिडकियां आदि धूप वाले दिनों में खोल देना चाहिए।
  7. क्षतिग्रस्त एवं टूटे बैग आदि को तुरन्त बदल देना चाहिए।
  8. भंडारित स्थान पर कुछ हवा का प्रवेश रहना चाहिए।
  9. बडे भंडारित स्थानों पर समय समय पर साफ सफाई करना चाहिए एवं गंदगी एवं फैले दानों को अलग कर देना चाहिए।
  10. अच्छे एवं सुरक्षित भंडारित पात्रों को उपयोग में लाना चाहिए।
  11. ई.डी.बी. इन्जेक्शन का उपयोग 3 मि.ली. /क् िया 22 मि.ली. प्रति क्यूबिक मीटर करना चाहिए। और यह ध्यान रखना चाहिए कि इन्जेक्शन टूटने के 7 दिन बाद तक पात्रों में हवा का प्रवेश न हो। या मेलाथीओन 50 ई.सी. 3 मि.ली / 100 वर्ग मीटर 1:100 के अनुपात में पानी के साथ 15 दिन के अन्तराल में उपयोग करें।
  12. यदि चूहों की समस्या हो तो 2 भाग जिंक फास्फाइड, 96 भाग आटा एवं 2 भाग कोई भी खाद्य तेल को अच्छी तरह से मिलाए। इसकी गोलियां बनाए एवं चूहों को आर्कषित करें।

कीट पल्स बीटल  
प्रचलित नाम डोरा या भुनभुना    

 
आई.पी. एम  केलोसोब्रुक्स मेक्यूलेटस
नियंत्रण 

अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए निम्नलिखित बिन्दूओं का ध्यान रखना चाहिए।

  1. भंडारण के पहले दाने अच्छी तरह से सूखे एवं ठन्डे होना चाहिए।
  2. अनाज में किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं होना चाहिए।
  3. दाने बहुत कम नमी वाले स्थान पर भंडारित करना चाहिए और नमी से दूर रखना चाहिए।
  4. भंडारित स्थान पर वर्षा आदि का पानी नहीं प्रवेश करना चाहिए।
  5. भंडारित स्थान स्वच्छ एवं साफ रहना चाहिए।
  6. ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारित स्थानों के दरवाजे खिडकियां आदि धूप वाले दिनों में खोल देना चाहिए।
  7. क्षतिग्रस्त एवं टूटे बैग आदि को तुरन्त बदल देना चाहिए।
  8. भंडारित स्थान पर कुछ हवा का प्रवेश रहना चाहिए।
  9. बडे भंडारित स्थानों पर समय समय पर साफ सफाई करना चाहिए एवं गंदगी एवं फैले दानों को अलग कर देना चाहिए।
  10. अच्छे एवं सुरक्षित भंडारित पात्रों को उपयोग में लाना चाहिए।
  11. ई.डी.बी. इन्जेक्शन का उपयोग 3 मि.ली. /क् िया 22 मि.ली. प्रति क्यूबिक मीटर करना चाहिए। और यह ध्यान रखना चाहिए कि इन्जेक्शन टूटने के 7 दिन बाद तक पात्रों में हवा का प्रवेश न हो। या मेलाथीओन 50 ई.सी. 3 मि.ली / 100 वर्ग मीटर 1:100 के अनुपात में पानी के साथ 15 दिन के अन्तराल में उपयोग करें।
  12. यदि चूहों की समस्या हो तो 2 भाग जिंक फास्फाइड, 96 भाग आटा एवं 2 भाग कोई भी खाद्य तेल को अच्छी तरह से मिलाए। इसकी गोलियां बनाए एवं चूहों को आर्कषित करें।

कीट रेड रस्ट फ्लोर बीटल    
प्रचलित नाम आटे का कीट     

आई.पी. एम  ट्राईबोलियम कास्टे निपम
नियंत्रण 

अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए निम्नलिखित बिन्दूओं का ध्यान रखना चाहिए।

  1. भंडारण के पहले दाने अच्छी तरह से सूखे एवं ठन्डे होना चाहिए।
  2. अनाज में किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं होना चाहिए।
  3. दाने बहुत कम नमी वाले स्थान पर भंडारित करना चाहिए और नमी से दूर रखना चाहिए।
  4. भंडारित स्थान पर वर्षा आदि का पानी नहीं प्रवेश करना चाहिए।
  5. भंडारित स्थान स्वच्छ एवं साफ रहना चाहिए।
  6. ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारित स्थानों के दरवाजे खिडकियां आदि धूप वाले दिनों में खोल देना चाहिए।
  7. क्षतिग्रस्त एवं टूटे बैग आदि को तुरन्त बदल देना चाहिए।
  8. भंडारित स्थान पर कुछ हवा का प्रवेश रहना चाहिए।
  9. बडे भंडारित स्थानों पर समय समय पर साफ सफाई करना चाहिए एवं गंदगी एवं फैले दानों को अलग कर देना चाहिए।
  10. अच्छे एवं सुरक्षित भंडारित पात्रों को उपयोग में लाना चाहिए।
  11. ई.डी.बी. इन्जेक्शन का उपयोग 3 मि.ली. /क् िया 22 मि.ली. प्रति क्यूबिक मीटर करना चाहिए। और यह ध्यान रखना चाहिए कि इन्जेक्शन टूटने के 7 दिन बाद तक पात्रों में हवा का प्रवेश न हो। या मेलाथीओन 50 ई.सी. 3 मि.ली / 100 वर्ग मीटर 1:100 के अनुपात में पानी के साथ 15 दिन के अन्तराल में उपयोग करें।
  12. यदि चूहों की समस्या हो तो 2 भाग जिंक फास्फाइड, 96 भाग आटा एवं 2 भाग कोई भी खाद्य तेल को अच्छी तरह से मिलाए। इसकी गोलियां बनाए एवं चूहों को आर्कषित करें।
 

कीट ग्रेन मोथ  
प्रचलित नाम अनाज की तितली    

 
आई.पी. एम  सीटोट्रोगा सेरेलल्ला
नियंत्रण 

अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए निम्नलिखित बिन्दूओं का ध्यान रखना चाहिए।

  1. भंडारण के पहले दाने अच्छी तरह से सूखे एवं ठन्डे होना चाहिए।
  2. अनाज में किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं होना चाहिए।
  3. दाने बहुत कम नमी वाले स्थान पर भंडारित करना चाहिए और नमी से दूर रखना चाहिए।
  4. भंडारित स्थान पर वर्षा आदि का पानी नहीं प्रवेश करना चाहिए।
  5. भंडारित स्थान स्वच्छ एवं साफ रहना चाहिए।
  6. ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारित स्थानों के दरवाजे खिडकियां आदि धूप वाले दिनों में खोल देना चाहिए।
  7. क्षतिग्रस्त एवं टूटे बैग आदि को तुरन्त बदल देना चाहिए।
  8. भंडारित स्थान पर कुछ हवा का प्रवेश रहना चाहिए।
  9. बडे भंडारित स्थानों पर समय समय पर साफ सफाई करना चाहिए एवं गंदगी एवं फैले दानों को अलग कर देना चाहिए।
  10. अच्छे एवं सुरक्षित भंडारित पात्रों को उपयोग में लाना चाहिए।
  11. ई.डी.बी. इन्जेक्शन का उपयोग 3 मि.ली. /क् िया 22 मि.ली. प्रति क्यूबिक मीटर करना चाहिए। और यह ध्यान रखना चाहिए कि इन्जेक्शन टूटने के 7 दिन बाद तक पात्रों में हवा का प्रवेश न हो। या मेलाथीओन 50 ई.सी. 3 मि.ली / 100 वर्ग मीटर 1:100 के अनुपात में पानी के साथ 15 दिन के अन्तराल में उपयोग करें।
  12. यदि चूहों की समस्या हो तो 2 भाग जिंक फास्फाइड, 96 भाग आटा एवं 2 भाग कोई भी खाद्य तेल को अच्छी तरह से मिलाए। इसकी गोलियां बनाए एवं चूहों को आर्कषित करें।
 

कीट

राइस मोथ

 
प्रचलित नाम
चावल का पंतगा 
   

 
आई.पी. एम 
कोरसाईरा सेफालोनिका
नियंत्रण 

अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए निम्नलिखित बिन्दूओं का ध्यान रखना चाहिए।

  1. भंडारण के पहले दाने अच्छी तरह से सूखे एवं ठन्डे होना चाहिए।
  2. अनाज में किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं होना चाहिए।
  3. दाने बहुत कम नमी वाले स्थान पर भंडारित करना चाहिए और नमी से दूर रखना चाहिए।
  4. भंडारित स्थान पर वर्षा आदि का पानी नहीं प्रवेश करना चाहिए।
  5. भंडारित स्थान स्वच्छ एवं साफ रहना चाहिए।
  6. ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारित स्थानों के दरवाजे खिडकियां आदि धूप वाले दिनों में खोल देना चाहिए।
  7. क्षतिग्रस्त एवं टूटे बैग आदि को तुरन्त बदल देना चाहिए।
  8. भंडारित स्थान पर कुछ हवा का प्रवेश रहना चाहिए।
  9. बडे भंडारित स्थानों पर समय समय पर साफ सफाई करना चाहिए एवं गंदगी एवं फैले दानों को अलग कर देना चाहिए।
  10. अच्छे एवं सुरक्षित भंडारित पात्रों को उपयोग में लाना चाहिए।
  11. ई.डी.बी. इन्जेक्शन का उपयोग 3 मि.ली. /क् िया 22 मि.ली. प्रति क्यूबिक मीटर करना चाहिए। और यह ध्यान रखना चाहिए कि इन्जेक्शन टूटने के 7 दिन बाद तक पात्रों में हवा का प्रवेश न हो। या मेलाथीओन 50 ई.सी. 3 मि.ली / 100 वर्ग मीटर 1:100 के अनुपात में पानी के साथ 15 दिन के अन्तराल में उपयोग करें।
  12. यदि चूहों की समस्या हो तो 2 भाग जिंक फास्फाइड, 96 भाग आटा एवं 2 भाग कोई भी खाद्य तेल को अच्छी तरह से मिलाए। इसकी गोलियां बनाए एवं चूहों को आर्कषित करें।

कीट रस्ट रेड ग्रेन बीटल  
प्रचलित नाम मूंछ वाली सुरसुरी    

 
आई.पी. एम  क्रि प्टोलेटिस फेरूजीनीयस
नियंत्रण 

अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए निम्नलिखित बिन्दूओं का ध्यान रखना चाहिए।

  1. भंडारण के पहले दाने अच्छी तरह से सूखे एवं ठन्डे होना चाहिए।
  2. अनाज में किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं होना चाहिए।
  3. दाने बहुत कम नमी वाले स्थान पर भंडारित करना चाहिए और नमी से दूर रखना चाहिए।
  4. भंडारित स्थान पर वर्षा आदि का पानी नहीं प्रवेश करना चाहिए।
  5. भंडारित स्थान स्वच्छ एवं साफ रहना चाहिए।
  6. ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारित स्थानों के दरवाजे खिडकियां आदि धूप वाले दिनों में खोल देना चाहिए।
  7. क्षतिग्रस्त एवं टूटे बैग आदि को तुरन्त बदल देना चाहिए।
  8. भंडारित स्थान पर कुछ हवा का प्रवेश रहना चाहिए।
  9. बडे भंडारित स्थानों पर समय समय पर साफ सफाई करना चाहिए एवं गंदगी एवं फैले दानों को अलग कर देना चाहिए।
  10. अच्छे एवं सुरक्षित भंडारित पात्रों को उपयोग में लाना चाहिए।
  11. ई.डी.बी. इन्जेक्शन का उपयोग 3 मि.ली. /क् िया 22 मि.ली. प्रति क्यूबिक मीटर करना चाहिए। और यह ध्यान रखना चाहिए कि इन्जेक्शन टूटने के 7 दिन बाद तक पात्रों में हवा का प्रवेश न हो। या मेलाथीओन 50 ई.सी. 3 मि.ली / 100 वर्ग मीटर 1:100 के अनुपात में पानी के साथ 15 दिन के अन्तराल में उपयोग करें।
  12. यदि चूहों की समस्या हो तो 2 भाग जिंक फास्फाइड, 96 भाग आटा एवं 2 भाग कोई भी खाद्य तेल को अच्छी तरह से मिलाए। इसकी गोलियां बनाए एवं चूहों को आर्कषित करें।

कीट होम रेट  
प्रचलित नाम चूहा    

 
आई.पी. एम  रेटस रेटस
नियंत्रण 

अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए निम्नलिखित बिन्दूओं का ध्यान रखना चाहिए।

  1. भंडारण के पहले दाने अच्छी तरह से सूखे एवं ठन्डे होना चाहिए।
  2. अनाज में किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं होना चाहिए।
  3. दाने बहुत कम नमी वाले स्थान पर भंडारित करना चाहिए और नमी से दूर रखना चाहिए।
  4. भंडारित स्थान पर वर्षा आदि का पानी नहीं प्रवेश करना चाहिए।
  5. भंडारित स्थान स्वच्छ एवं साफ रहना चाहिए।
  6. ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारित स्थानों के दरवाजे खिडकियां आदि धूप वाले दिनों में खोल देना चाहिए।
  7. क्षतिग्रस्त एवं टूटे बैग आदि को तुरन्त बदल देना चाहिए।
  8. भंडारित स्थान पर कुछ हवा का प्रवेश रहना चाहिए।
  9. बडे भंडारित स्थानों पर समय समय पर साफ सफाई करना चाहिए एवं गंदगी एवं फैले दानों को अलग कर देना चाहिए।
  10. अच्छे एवं सुरक्षित भंडारित पात्रों को उपयोग में लाना चाहिए।
  11. ई.डी.बी. इन्जेक्शन का उपयोग 3 मि.ली. /क् िया 22 मि.ली. प्रति क्यूबिक मीटर करना चाहिए। और यह ध्यान रखना चाहिए कि इन्जेक्शन टूटने के 7 दिन बाद तक पात्रों में हवा का प्रवेश न हो। या मेलाथीओन 50 ई.सी. 3 मि.ली / 100 वर्ग मीटर 1:100 के अनुपात में पानी के साथ 15 दिन के अन्तराल में उपयोग करें।
  12. यदि चूहों की समस्या हो तो 2 भाग जिंक फास्फाइड, 96 भाग आटा एवं 2 भाग कोई भी खाद्य तेल को अच्छी तरह से मिलाए। इसकी गोलियां बनाए एवं चूहों को आर्कषित करें।

कीट ूही / चुहिया  
प्रचलित नाम चूही / चुहिया     

 
आई.पी. एम  मसमसकुलस
नियंत्रण 

अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए निम्नलिखित बिन्दूओं का ध्यान रखना चाहिए।

  1. भंडारण के पहले दाने अच्छी तरह से सूखे एवं ठन्डे होना चाहिए।
  2. अनाज में किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं होना चाहिए।
  3. दाने बहुत कम नमी वाले स्थान पर भंडारित करना चाहिए और नमी से दूर रखना चाहिए।
  4. भंडारित स्थान पर वर्षा आदि का पानी नहीं प्रवेश करना चाहिए।
  5. भंडारित स्थान स्वच्छ एवं साफ रहना चाहिए।
  6. ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारित स्थानों के दरवाजे खिडकियां आदि धूप वाले दिनों में खोल देना चाहिए।
  7. क्षतिग्रस्त एवं टूटे बैग आदि को तुरन्त बदल देना चाहिए।
  8. भंडारित स्थान पर कुछ हवा का प्रवेश रहना चाहिए।
  9. बडे भंडारित स्थानों पर समय समय पर साफ सफाई करना चाहिए एवं गंदगी एवं फैले दानों को अलग कर देना चाहिए।
  10. अच्छे एवं सुरक्षित भंडारित पात्रों को उपयोग में लाना चाहिए।
  11. ई.डी.बी. इन्जेक्शन का उपयोग 3 मि.ली. /क् िया 22 मि.ली. प्रति क्यूबिक मीटर करना चाहिए। और यह ध्यान रखना चाहिए कि इन्जेक्शन टूटने के 7 दिन बाद तक पात्रों में हवा का प्रवेश न हो। या मेलाथीओन 50 ई.सी. 3 मि.ली / 100 वर्ग मीटर 1:100 के अनुपात में पानी के साथ 15 दिन के अन्तराल में उपयोग करें।
  12. यदि चूहों की समस्या हो तो 2 भाग जिंक फास्फाइड, 96 भाग आटा एवं 2 भाग कोई भी खाद्य तेल को अच्छी तरह से मिलाए। इसकी गोलियां बनाए एवं चूहों को आर्कषित करें।

कीट रेट / माउस   
प्रचलित नाम विदेशी चूहा     

 
आई.पी. एम  रेटस नॉरवेजीकस
नियंत्रण 

अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए निम्नलिखित बिन्दूओं का ध्यान रखना चाहिए।

  1. भंडारण के पहले दाने अच्छी तरह से सूखे एवं ठन्डे होना चाहिए।
  2. अनाज में किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं होना चाहिए।
  3. दाने बहुत कम नमी वाले स्थान पर भंडारित करना चाहिए और नमी से दूर रखना चाहिए।
  4. भंडारित स्थान पर वर्षा आदि का पानी नहीं प्रवेश करना चाहिए।
  5. भंडारित स्थान स्वच्छ एवं साफ रहना चाहिए।
  6. ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारित स्थानों के दरवाजे खिडकियां आदि धूप वाले दिनों में खोल देना चाहिए।
  7. क्षतिग्रस्त एवं टूटे बैग आदि को तुरन्त बदल देना चाहिए।
  8. भंडारित स्थान पर कुछ हवा का प्रवेश रहना चाहिए।
  9. बडे भंडारित स्थानों पर समय समय पर साफ सफाई करना चाहिए एवं गंदगी एवं फैले दानों को अलग कर देना चाहिए।
  10. अच्छे एवं सुरक्षित भंडारित पात्रों को उपयोग में लाना चाहिए।
  11. ई.डी.बी. इन्जेक्शन का उपयोग 3 मि.ली. /क् िया 22 मि.ली. प्रति क्यूबिक मीटर करना चाहिए। और यह ध्यान रखना चाहिए कि इन्जेक्शन टूटने के 7 दिन बाद तक पात्रों में हवा का प्रवेश न हो। या मेलाथीओन 50 ई.सी. 3 मि.ली / 100 वर्ग मीटर 1:100 के अनुपात में पानी के साथ 15 दिन के अन्तराल में उपयोग करें।
  12. यदि चूहों की समस्या हो तो 2 भाग जिंक फास्फाइड, 96 भाग आटा एवं 2 भाग कोई भी खाद्य तेल को अच्छी तरह से मिलाए। इसकी गोलियां बनाए एवं चूहों को आर्कषित करें।

कीट ग्रे  
प्रचलित नाम छोटी घूस    

 
आई.पी. एम  बेन्डीकोटा बेंगालेनसिस
नियंत्रण 

अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए निम्नलिखित बिन्दूओं का ध्यान रखना चाहिए।

  1. भंडारण के पहले दाने अच्छी तरह से सूखे एवं ठन्डे होना चाहिए।
  2. अनाज में किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं होना चाहिए।
  3. दाने बहुत कम नमी वाले स्थान पर भंडारित करना चाहिए और नमी से दूर रखना चाहिए।
  4. भंडारित स्थान पर वर्षा आदि का पानी नहीं प्रवेश करना चाहिए।
  5. भंडारित स्थान स्वच्छ एवं साफ रहना चाहिए।
  6. ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारित स्थानों के दरवाजे खिडकियां आदि धूप वाले दिनों में खोल देना चाहिए।
  7. क्षतिग्रस्त एवं टूटे बैग आदि को तुरन्त बदल देना चाहिए।
  8. भंडारित स्थान पर कुछ हवा का प्रवेश रहना चाहिए।
  9. बडे भंडारित स्थानों पर समय समय पर साफ सफाई करना चाहिए एवं गंदगी एवं फैले दानों को अलग कर देना चाहिए।
  10. अच्छे एवं सुरक्षित भंडारित पात्रों को उपयोग में लाना चाहिए।
  11. ई.डी.बी. इन्जेक्शन का उपयोग 3 मि.ली. /क् िया 22 मि.ली. प्रति क्यूबिक मीटर करना चाहिए। और यह ध्यान रखना चाहिए कि इन्जेक्शन टूटने के 7 दिन बाद तक पात्रों में हवा का प्रवेश न हो। या मेलाथीओन 50 ई.सी. 3 मि.ली / 100 वर्ग मीटर 1:100 के अनुपात में पानी के साथ 15 दिन के अन्तराल में उपयोग करें।
  12. यदि चूहों की समस्या हो तो 2 भाग जिंक फास्फाइड, 96 भाग आटा एवं 2 भाग कोई भी खाद्य तेल को अच्छी तरह से मिलाए। इसकी गोलियां बनाए एवं चूहों को आर्कषित करें।

कीट बेकीस्टीन  
प्रचलित नाम बड़ी घूस     

 
आई.पी. एम  बेन्डीकोटा इन्डिका
नियंत्रण 

अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए निम्नलिखित बिन्दूओं का ध्यान रखना चाहिए।

  1. भंडारण के पहले दाने अच्छी तरह से सूखे एवं ठन्डे होना चाहिए।
  2. अनाज में किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं होना चाहिए।
  3. दाने बहुत कम नमी वाले स्थान पर भंडारित करना चाहिए और नमी से दूर रखना चाहिए।
  4. भंडारित स्थान पर वर्षा आदि का पानी नहीं प्रवेश करना चाहिए।
  5. भंडारित स्थान स्वच्छ एवं साफ रहना चाहिए।
  6. ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारित स्थानों के दरवाजे खिडकियां आदि धूप वाले दिनों में खोल देना चाहिए।
  7. क्षतिग्रस्त एवं टूटे बैग आदि को तुरन्त बदल देना चाहिए।
  8. भंडारित स्थान पर कुछ हवा का प्रवेश रहना चाहिए।
  9. बडे भंडारित स्थानों पर समय समय पर साफ सफाई करना चाहिए एवं गंदगी एवं फैले दानों को अलग कर देना चाहिए।
  10. अच्छे एवं सुरक्षित भंडारित पात्रों को उपयोग में लाना चाहिए।
  11. ई.डी.बी. इन्जेशन का उपयोग 3 मि.ली. /क् िया 22 मि.ली. प्रति क्यूबिक मीटर करना चाहिए। और यह ध्यान रखना चाहिए कि इल्जेक्शन टूटने के 7 दिन बाद तक पात्रों में हवा का प्रवेश न हो। या मेलाथीओन 50 ई.सी. 3 मि.ली / 100 वर्ग मीटर 1:100 के अनुपात में पानी के साथ 15 दिन के अन्तराल में उपयोग करें।
  12. यदि चूहों की समस्या हो तो 2 भाग जिंक फास्फाइड, 96 भाग आटा एवं 2 भाग कोई भी खाद्य तेल को अच्छी तरह से मिलाए। इसकी गोलियां बनाए एवं चूहों को आर्कषित करें।

M.P. Krishi
 
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