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मुद्रा 2015-16
फसल सिफारिशें

ख़रीफ फसल - सोयाबीन

 आई. पी. एम. - सोयाबीन
 
  1. बुआई के पूर्व पंक्ति दूरी ( 20 से.मी. और अधिकतम बीज दर ( 125 कि.ग्रा/हे और आक्साडाईज़ोन 1 कि. ग्रा. सू्र्यीकरण हल्की सिंचाई के बाद खेत को पोलीथीन से ढंकते है जिससे पानी वाष्प बनकर खरपतबार खत्म करता है।

कीट प्रंबधन :-

  1. गर्मी के मौसम में गहरी जुताई करें।

  2. प्रतिरोधक किस्मों का उपयोग करना चाहिए।

  3. मानसून के पहले बोनी न करें।

  4. नाईट्रोजनित उर्वरकों का उपयोग उपयुक्त मात्रा में करें।

  5. पोटाश उर्वरकों का उपयोग निश्चित होना चाहिए।

  6. खरपतबार उखाड़कर नष्ट कर देना चाहिए।

  7. जैविक नियंत्रण के लिए मकड़ी, छिपकली, मकोड़े, चिड्डे, आदि का बचाव करना चाहिए।

  8. सोयाबीन को अरहर या मक्का या ज्वार के साथ 4:2 मे अन्तरवर्तीय फसलों के रूप में उगाना चाहिए।

 रोग प्रंबधन :-

  1. प्रतिरोधित किस्मों का उपयोग करना चाहिए।

  2. रोग रहित बीजों का उपयोग करना चाहिए।

  3. सोयाबीन के बाद या पहले रोग संवेदी फसलों को नहीं लगाना चाहिए।

  4. जुताई के समय फसल के अवशेषों को पूरी तरह हटाना चाहिए।

  5. पत्तों के गीले होने पर खेत में सस्य कार्य नहीं करना चाहिए।

  6. पिछले साल के रोग ग्रसित ठूँठों को नष्ट करना चाहिए।


M.P. Krishi
 
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