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मुद्रा 2015-16
फसल सिफारिशें

ख़रीफ फसल - सोयाबीन

  कटाई एवं गहाई - सोयाबीन
 

कटाई :-

  1. फल्ली के पकने पर पौधे के पत्ते पीले हो जाते है एवं झड़ने लगते है तत्पश्चात कटाई करनी चाहिए।

  2. सोयाबीन की कटाई के समय दानों में नमी 12-14 प्रतिशत होना चाहिए।

  3. कटाई सुबह के कुछ घंटों में करना फायदेमंद होता है क्योंकि फल्ली टूटती नहीं है।

  4. नमी की कमी में फलियां ज्यादा टूटती है।

गहाई:-

  1. कटाई के तुरन्त बाद कटी हुई फसल को खलिहान में ले जाना चाहिए, अन्यथा फल्ली टूटने से उपज में कमी हो सकती है।

  2. छटाई के लिए पक्की सतह होनी चाहिए।

  3. गर्हाई के लिए कटी हुई फसल को लकड़ी से धीरे धीरे पीटना चाहिए।

  4. थेशर से छटाई एवं उड़ावनी करने में समय की बचत होती है।

  5. यदि थेशर से गहाई कर रहे हो तो उसका आर.पी.एम. 300 से 400 के बीच रखें जिससे बीज टूटेगा नही।

उड़ावनी :-

  1. उड़ावनी के द्वारा भूसे, फल्ली के छिलके इत्यादि को हटाया जाता है।

  2. सूपे या बिजली के पंखे से भी उड़ावनी की जा सकती है।

  3. हवा के आगे खड़े होकर उँचाई से अनाज गिराने से भी उड़ावनी की जा सकती है।

  4. थेशर से छटाई एवं उड़ावनी करने में समय की बचत होती है।


M.P. Krishi
 
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