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मुद्रा 2015-16
फसल सिफारिशें

खरीफ फसल - सोयाबीन

सिंचाई प्रबंधन - सोयाबीन
  • सोयाबीन को खरीफ मौसम में वर्षा आधारित फसल के रूप में उगाया जाता है।
  • सोयाबीन को उँची भूमि पर उगाना चाहिए ।
  • अगर खरीफ में बारिश अच्छी और समान हुई है तो सिंचाई की जरूरत नही पड़ती।
  • यदि बोनी 15 जून से 30 जून के बीच हो और सूखा मौसम और मिट्टी में नमी की कमी होने पर सिंचाई अवश्य करे अन्यथा उपज में कमी हो सकती है।
  • फल्लियां आने पर यदि पानी न गिरे एवं मिट्टी में पर्याप्त नमी न हो तो सिंचाई करनी चाहिए।


अन्तर सस्य क्रियायें

सोयाबीन को इन्टरकल्चर की आवश्यकता कम होती है।

  • पौधों की संख्या 30-35 प्रति वर्ग मीटर होनी चाहिए।
  • पहले 30 दिन में खरपतवार हटाने चाहिए जिससे फसल को उपयुक्त जगह और परिस्थितियाँ मिलें।
  • यदि पानी भर जाए तो ज्यादा पानी को अलग करना चाहिए जिससे जडे अच्छी तरह बढ़ सके।
  • फूल आने पर छायादार पौधों को हटाना चाहिए अन्यथा उपज में कमी आ सकती है।


M.P. Krishi
 
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