कृषक हितेषी
कृषक हितेषी निर्णय
सफलता की कहानी
कृषि दर्शन
मण्डी भाव
कृषि समाचार
फोटो गैलरी
कृषि संबंधित जानकारी 
फसल केप्सूल
आकस्मिक कार्य योजना
बीज
उर्वरक
पौध संरक्षण
मिट्टी परीक्षण
कृषि यंत्रीकरण
बीज गुणवत्ता
उर्वरक गुणवत्ता
कृषि सांख्यिकी
जैविक खेती
जैविक खेती
उत्पाद पंजीकरण
जैविक कृषि नीति
खेती को लाभकारी बनाने के लिए सुझाव
विभागीय गतिविधियाँ
नोटिस बोर्ड
वरिष्ठता / स्थानांतरण सूचि
परिपत्र
निविदाएं
प्रकाशन
मुद्रा 2015-16

फसल सिफारिशें

खरीफ फसल- तिल

पोषण विकृति - तिल  



तत्व

कॉपर

चिन्ह

 Cu

विकृति लक्षण 

  1. अकुंरण के बाद से ही पौधे का विकास धीमा हो जाता है।

  2. नई और मध्य पत्तियों के कोने हरिमाहीन हो जाते है।

  3. अत्याधिक संक्रमण के कारण अत:शिरायें भी हरिमाहीनता हो जाते है और हल्के भूरे पिगमेनटेशन विकसित हो जाता है।

  4. धीरे धीरे पूरी पत्ती गहरे भूरे रंग की हो जाती है और पत्ती के कोने ऊतकक्षयी हो जाती है और पत्तियां मुरझा जाती है।

उपचार

  1. 0.2 प्रतिशत कॉपर सल्फेट का साप्ताहिक अंतराल में छिड़काव करें।

संसाधन

  1. विभिन्न उर्वरकों में कॉपर की प्रतिशत मात्रा
    कॉपर सल्फेट 10-20 प्रतिशत


तत्व

जिंक

चिन्ह

Zn

विकृति लक्षण 

  1. मध्य पत्तियों में आधार से धब्बे और रंगहीनता हो जाती है।

  2. पत्तियां किनारे से सूखने लगते है।

  3. पत्तियों पर असामान्य हल्के बादामी रंग के धब्बे हो जाते है।

  4. कभी या कभी पौधों पर नारंगी धब्बे हो जाते है।

  5. यदि कमी ज्यादा है तो पत्तियों का आकार छोटा रह जाता है और लेमिना धारीदार हो जाता है।

  6. पत्तियों के कोने मुड़ जाते है और अत:शिरायों पर लाल भूरे चिकत्ते हो जाते है।

उपचार

  1.  0.2 प्रतिशत जिंक सल्फेट का साप्ताहिक अंतराल में 2 या 3 बार छिड़काव करें।

संसाधन 

  1. विभिन्न उर्वरकों में जिंक की प्रतिशत मात्रा
    जिंक सल्फेट 22-35 प्रतिशत


तत्व

मोलीब्डेनम

चिन्ह

Mo

विकृति लक्षण 

  1. पौधा पीला पड़ जाता है और पुरानी पत्तियां किनारे से फट जाती है।

  2. पीलापन धीरे धीरे अत:शिराओं तक फैल जाता है जो सूखकर कागज जैसा हो जाता है।

उपचार

  1. मौलीब्डेनम आधारित उर्वरकों का उपयोग करें।

संसाधन 

  1. विभिन्न उर्वरकों में मौलीबेडनमक ी मात्रा
    सोडियम मौलीबिडेट 37-39 प्रतिशत


तत्व

  सल्फर

चिन्ह

  S

विकृति लक्षण 

  1. पौधे का विकास धीमा हो जाता है।

  2. पत्तियों का आकार छोटा हो जाता है।

  3. शुरूवात में नई पत्तियां हल्के रंग की पड़ जाती है।

  4. बाद में सुनहरी पीली रंग की हो जाती है।

  5. हर एक पत्तियां शीर्ष से पीला पड़ना षुरू करती है जो आधार की ओर बढ़ती है।

  6. यदि कमी अधिक हो तो नई पत्तियां समय से पहले झड़ जाती है।

  7. फूलों का आकार एवं संख्या कम हो जाती है।

  8. अत्याधिक कमी में फूल समय से पहले झड़ जाते है जिससे फल्लियां कम आती है।

उपचार

  1. सल्फर युक्त उर्वरकों को मिट्टी में मिलाए।

संसाधन 

  1. उर्वरकों में सल्फर का प्रतिशत
    अमोनियम सल्फेट 24 प्रतिशत
    सिगल सुपर फॉस्फेट 12 प्रतिशत
    पैरमफॉस 15 प्रतिशत


तत्व

बोरॉन

चिन्ह

B

विकृति लक्षण 

  1. बोरॉन की कमी से पौधे दो सप्ताह के अन्दर ही बहुत ज्यादा छोटे रह जाते है।

  2. बाद में पौधे की शीर्ष की कली मर जाती है जिससे द्वितीयक शाखायें उत्पन्न हो जाती है।

  3. पत्तियां मोटी, छोटी एवं भंगूर हो जाती है।

  4. फल्लियां का बनना एवं बीजों का विकास कम हो जाता है।

उपचार

  1. 0.1-0.2 प्रतिशत बोरेक्स घोल का साप्ताहिक अंतराल से छिड़काव करें। 

संसाधन 

  1. विभिन्न उर्वरकों में बोरॉन की प्रतिशत मात्रा
    सोडियम बोरेट 10.5 प्रतिशत

     


M.P. Krishi
 
किसान को दी जाने वाली सुविधायें |डाउनलोड फॉण्ट|डिस्क्लेमर|वेब सूची|उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका|ू. दिगदर्शिका|अचल सम्पति

वेबसाइट:आकल्पन,संधारण एवं अघयतन क्रिस्प भोपाल द्वारा   
This site is best viewed in IE 6.0 and above with a 1024x768 monitor resolution
कृषिनेट  पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी, फोटो, लिंक, विडियो कल्याण तथा कृषि विकास संचालनालय एवं विभाग के अन्य सहयोगी संस्थानों द्वारा उपलब्ध करायी गई है