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मुद्रा 2015-16

फसल सिफारिशें

खरीफ फसल- उड़द
खेत तैयारी

हल्की मिट्टी :-

  1. खेत में एक बार जुताई करें और एक बार बखर चलायें, पाटा या लेवलर के द्वारा खेत को समतल करें।
  2. नींदा को उखाड़कर नष्ट करें।
  3. गहरी जुताई दो से तीन साल में एक बार करना चाहिए।
  4. दीमक प्रभावित क्षेत्रों में 1.5 प्रतिशत लिंडेन, आखरी बखरनी के पहले डालें।

मध्यम मिट्टी :-

  1. खेत में एक बार जुताई करें और एक बार बखर चलायें, पाटा या लेवलर के द्वारा खेत को समतल करें।
  2. नींदा को उखाड़कर नष्ट करें।
  3. गहरी जुताई दो से तीन साल में एक बार करना चाहिए।
  4. दीमक प्रभावित क्षेत्रों में 1.5 प्रतिशत लिंडेन, आखरी बखरनी के पहले डालें।
  5. नींदा प्रभावित खेतो में स्टेल सीड बेड का उपयोग करें।

भारी मिट्टी :-

  1. खेत में दो बार जुताई करें और तीन बार बखर चलायें, पाटा या लेवलर के द्वारा खेत को समतल करें।
  2. नींदा को उखाड़कर नष्ट करें।
  3. गहरी जुताई दो से तीन साल में एक बार करना चाहिए।
  4. जल निकास की व्यवस्था करें, जल के जमाव से फसल को क्षति होती है।
  5. दीमक प्रभावित क्षेत्रों में 1.5 प्रतिशत लिंडेन, आखरी बखरणी के पहले डालें।
  6. नींदा प्रभावित खेतो में स्टेल सीड बेड का उपयोग करें।
M.P. Krishi
 
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