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मुद्रा 2015-16

फसल सिफारिशें

रबी फसल -गेहूॅ

  खरपतवार प्रबंधन

वनस्पति नाम

हिन्दी नाम

अंग्रेजी नाम

प्रकार

एवीना फटुआ

जंगली जई

वाइल्ड ओट

घास कुली

पारथेनियम स्पी.

गाजर घास

वाइल्ड केरेट ग्रास

चौडी पत्ती

मेलीलोटस एल्बा

सफेद सेनज़ी या मूरेला या खन्डी

वाइट स्वीट क्लोवर

चौडी पत्ती

एनागेलीस आरवेनसिस

बिली बूटी

स्कारलेट पीम्परनील

चौडी पत्ती

यूफोरबिया ड्रकनकुयूलॉडिस

कौरगनडाल

स्पज

चौडी पत्ती

एकायरेनथस एसपरा

चिरचिटा या लटजीरा

स्नेकस टेल या कली चेफ फलावर

चौडी पत्ती

कारथमस ओक्सीकेनथा

पोहली

वाइल्ड सेफलावर

चौडी पत्ती

फ्यूमेरिया पारवीफ्लोरा

बन सोया या गाजरी

फयूमीटोरी

घास कुली

एसफोडेलस टीनयूफोलियस

पयाज़ी

-

चौडी पत्ती

लॉनिया मुडीकाक्वेलिस

जंगली गोभी

-

चौडी पत्ती

विशिया हरसुटा

मुनमुना या रारी या रीवारी

वेंच

चौडी पत्ती

आरजीमोन मेक्सिीकाना

सत्यानाशी या कटीली

मैक्सिकन पॉपी या प्रीकली पॉपी

चौडी पत्ती

चिनोपोडियम एलबम

बथुआ

लैबसक्वाटर, डॉगस टूथ ग्रास

चौडी पत्ती

कॉनवॉलवयूलस अरवेनसिस

हिरन खुरी

फील्ड बान्ड वीड

चौडी पत्ती

यूफोरबिया हीरटा

बड़ी दुधी

पिल पॉड र्स्पज

चौडी पत्ती

र्स्पगुला अरवेनसिस

जंगली बनिया या सथ गठिया

कॉर्न स्पयूरी

चौडी पत्ती

हीलीओट्रोपीयम ओकेलीफोलियम

सेनगी

क्लोवर

चौडी पत्ती

चीनोपोडियम म्यूरेल

बथुआ या चीनोपोडियम

नेटेल लीफ गुस फुट

चौडी पत्ती

फेलेरिस मैनर

गेहूँ का मामा या गुल्ली डंडा या गेहूँसा या गंडुसी

केनरी ग्रास

चौडी पत्ती

साइनोडोन डेक्टीलोन

दूब घास

बरमुडा ग्रास

घास कुली

फलेरिस अरूडशिया

गेहूँसा

केनरी ग्रास

घास कुली

चीकोरियम इनटाइवस

कासनी

चीकोरी

चौडी पत्ती

सिरसियम आरवेसिस

कटीला

थिसिल

चौडी पत्ती

लथाइरस आपाका

जंगली मटर

वाइल्ड पी

चौडी पत्ती

मेलियोलोटस इनडीका

पीली सेनजी

यल्लो क्लोवर

चौडी पत्ती

यह नियंत्रण हर खरपतवार के लिए एक है

सस्य नियंत्रण :-

  1.  सुबह खेत में हल्की सिंचाई करके पॉलीथीन से ढक दें जिससे उष्मा के कारण खरपतवार नष्ट को जाते है।

  2. बोनी के पहले जो नींदा अंकुरित हो गए हैं उन्हें हल्का बखर चलाकर नष्ट करें।

  3. प्रमाणित बीजों का उपयोग करें।

  4. समय पर बोनी करें।

  5. पौधों की प्रति इकाई संख्या पर्याप्त होनी चाहिए।

  6. बोनी कतारों में करें।

  7. खाद का उपयोग बीज से नीचे करें।

  8. हो चलाकर कतारों के बीच से नींदा आसानी से निकाले जा सकते है।

  9. कल्पी या हाथ की सहायता से भी नींदा आसानी से हटाए जा सकते है।

  10. हसिंये से भी नींदा हटाए जा सकता है।

  11. सुखी घास इत्यादि कतारों में डालकर नींदा पर नियंत्रण किया जा सकता है।

  12. खरपतवार नाशी का चक्र अपनाए।

  13. खाद और फसल चक्र अपनाए।

रसायनिक नियंत्रण

घास कुली

  1. बुवाई के 28-35 दिन बाद एक हेक्टेयर में 1 कि.ग्रा आइसोप्रोटॉन का उपयोग 600 से 750 लीटर पानी के साथ करें। या

  2. अंकुरण के पहले 1500 पेन्डीमेथिलीन का उपयोग करें।

  3. बुआई के 28-35 दिन बाद 700 -800 ग्राम डाक्लोफॉप-मिथाइल प्रति हेक्टेयर का उपयोग करें।

  4. उगने के बाद 60 ग्राम क्लोडीनोफॉप प्रति हेक्टेयर का उपयोग करें। या

  5. उगने के बाद 100 ग्राम फलोजाप्रोप प्रति हेक्टेयर का उपयोग करें।

चौड़ी पत्ती

  1. बुआई के 28-35 दिन बाद 500 ग्राम 2,4 डी. सोडियम लवण प्रति हेक्टेयर का उपयोग करें। या

  2. बुआई के 28-35 दिन बाद 250 ग्राम 2,4 डी. एस्टर प्रति हेक्टेयर 600 से 750 लीटर पानी के साथ का उपयोग करें।

  3. बुआई के 28-35 दिन बाद 4 ग्राम मेटसलयूरॉन 600 से 750 लीटर पानी के साथ प्रति हेक्टेयर का उपयोग करें।

  4. बुआई के 28-35 दिन बाद 25 ग्राम सल्फोसलयूरॉन प्रति हेक्टेयर का उपयोग करें।

मिश्रित

  1. बुआई के 28-35 दिन बाद 500 ग्राम 2,4 डी. सोडियम लवण और आइसोप्रोटुरॉन 600 से 750 लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर
    उपयोग करें। या

  2. बुआई के 28-35 दिन बाद 4 ग्राम मेटसलयूरॉन और आइसोप्रोटुरॉन प्रति हेक्टेयर 600 से 750 लीटर पानी के साथ का उपयोग करें।

नींदा रोकथाम प्रबंधन

  1.  उगने के पहले 1 कि.ग्रा आइसोप्रोटुरॉन प्रति हेक्टेयर नवम्बर में क्रॉस बोनी करके 1 कि. ग्रा. आईसोप्राटॉन का उपयोग करें ।
    समय पर बोनी करें।

  2. सिंचाई का पानी खरपतवार के बीजों से मुक्त से होना चाहिए।

  3. अधिक संक्रमण और बार-बार खरपतवार होने के कारण फसल चक्र अपनाए।

  4. बोनी के 25 से 30 दिन के अन्दर खरपतवार निकाल देना चाहिए।


M.P. Krishi
 
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