कृषक हितेषी
कृषक हितेषी निर्णय
सफलता की कहानी
कृषि दर्शन
मण्डी भाव
कृषि समाचार
फोटो गैलरी
कृषि संबंधित जानकारी 
फसल केप्सूल
आकस्मिक कार्य योजना
बीज
उर्वरक
पौध संरक्षण
मिट्टी परीक्षण
कृषि यंत्रीकरण
बीज गुणवत्ता
उर्वरक गुणवत्ता
कृषि सांख्यिकी
जैविक खेती
जैविक खेती
उत्पाद पंजीकरण
जैविक कृषि नीति
खेती को लाभकारी बनाने के लिए सुझाव
विभागीय गतिविधियाँ
नोटिस बोर्ड
वरिष्ठता / स्थानांतरण सूचि
परिपत्र
निविदाएं
प्रकाशन
मुद्रा 2015-16

फसल सिफारिशें

रबी फसल -गेहूॅ 
  खेत तैयारी

हल्की मिट्टी :-

  1. सबसे अच्छे गेहूँ उत्पादक क्षेत्र वो है जहाँ ठंडा और सूखा मौसम फसल के समय रहता है।

  2. गर्म व नमी युक्त क्षेत्र इस फसल के लिए उपयुक्त नहीं है।

  3. रेती चिकनी मिट्टी सबसे उपयुक्त मिट्टी है।

  4. एक बार गहरी जुताई करें और फिर दो बार बखर चलाकर भूमि को भुरभुराकर लें।

  5. हर साल खेत को दो या तीन बार बखर चलाकर भुरभुराकर लें और पट्टा या लेवलर लगाकर भूमि को समतल कर ले।

मध्यम मिट्टी :-

  1. सबसे अच्छे गेहूँ उत्पादक क्षेत्र वो है जहाँ ठंडा और सूखा मौसम फसल के समय रहता है।

  2. गर्म व नमी युक्त क्षेत्र इस फसल के लिए उपयुक्त नहीं है।

  3. चिकनी मिट्टी सबसे उपयुक्त मिट्टी है।

  4. दो से तीन साल में दो बार गहरी जुताई करके मिट्टी पलटाना चाहिए फिर दो से तीन बखर चलाकर भूमि को भुरभूरा कर ले और हर साल भूमि को समतल कर ले।

भारी मिट्टी :-

  1. सबसे अच्छे गेहूँ उत्पादक क्षेत्र वो है जहाँ ठंडा और सूखा मौसम फसल के समय रहता है।

  2. गर्म व नमी युक्त क्षेत्र इस फसल के लिए उपयुक्त नहीं है।

  3. चिकनी मिट्टी सबसे उपयुक्त मिट्टी है।

  4. दो बार गहरी जुताई करके मिट्टी पलटाना चाहिए फिर दो से तीन बखर चलाकर भूमि को भुरभूरा कर ले और भूमि को समतल कर ले।

  5. असिंचित असिंचित अवस्था में मिट्टी की नमी को सुरक्षित करने के लिए उपयुक्त उपाय करना चाहिए और भुमि को भुरभुरा करने के बाद खेत को समतल कर ले।


M.P. Krishi
 
किसान को दी जाने वाली सुविधायें |डाउनलोड फॉण्ट|डिस्क्लेमर|वेब सूची|उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका|ू. दिगदर्शिका|अचल सम्पति

वेबसाइट:आकल्पन,संधारण एवं अघयतन क्रिस्प भोपाल द्वारा   
This site is best viewed in IE 6.0 and above with a 1024x768 monitor resolution
कृषिनेट  पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी, फोटो, लिंक, विडियो कल्याण तथा कृषि विकास संचालनालय एवं विभाग के अन्य सहयोगी संस्थानों द्वारा उपलब्ध करायी गई है