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मुद्रा 2015-16

फसल सिफारिशें

रबी फसल - कुसुम

  1. उर्वरकों के प्रयोग और सही देखभाल से करडी की अच्छी उपज प्राप्त की जा सकती है।

  2. जुताई के बाद कम्पोस्ट डालना चाहिए।

  3. सिंचित अवस्था में 40 कि.ग्रा. नत्रजन 40 कि.ग्रा. फास्फोरस और 20 कि.ग्रा. पोटॉश /हे की दर से बोनी के पहले मिट्टी में   मिलाए।.

  4. उर्वरकों का उपयोग बीज से 4 से 5 से.मी. दूर और 8 से 10 से.मी. गहराई से करना चाहिए।

  5. कम वर्षा वाले क्षेत्रों में नत्रजन 25 से 30 कि.ग्रा. /हे और 40 कि.ग्रा. फास्फोरस और 20 कि.ग्रा. पोटॉश /हे की दर से बोनी के पहले मिट्टी में मिलाए।

  6. उर्वरकों का उपयोग मिट्टी परीक्षण मान के आधार पर करें।


  1. . जानकारी उपलब्ध नहीं है


  1. . यह फसल जमीन में से नमी अवशोषित कर लेती है। यदि एक सिंचाई उपलब्ध हो तो बोनी के तुरन्त बाद करें।


  अन्तर सस्य क्रियायें

  1.  अन्तरसस्य क्रियाओं में विरलन और रिक्त स्थानों को भरना शामिल है।

  2.  अन्तरसस्य क्रियायें फसल के 10 से 15 दिन के हो जाने पर करना चाहिए।

  3.  जिन स्थानों पर अंकुरण नहीं हुआ वहां उन ज्यादा पौधे वाले स्थानों से उखाड़कर लगाना चाहिए।


M.P. Krishi
 
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