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मुद्रा 2015-16

मध्यप्रदेश शासन
कृषि विभाग
क्रमांक/बी/3-30/2000/14-2 भोपाल, दिनांक 11 दिसम्बर 2000
आदेश क्रमांक-2
अधिक उत्पादन एवं उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का उत्पादन

प्रति,

1

आंचलिक प्रबंधक (समस्त) कृषि जलवायु क्षेत्र -----------

2

उप संचालक कृषि (समस्त) जिला ------

3

बीज परीक्षण अधिकारी, बीज परीक्षण प्रयोगशाला ग्वालियर

4

सहायक संचालक कृषि/ प्रक्षेत्र अधीक्षक शासकीय कृषि ------- जिला-----

 

विषय:-अधिक उत्पादन एवं उच्च गुणवत्ताा वाले बीजों के उत्पादन कार्यक्रम हेतु मार्गदर्शी निर्देश । 

कृषि उत्पादन वृध्दि में बीज सर्वाधिक अहम भूमिका रखता है ।अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत किस्मों के उच्च गुणवत्ता वाले बीजों से उत्पादकता बीस से तीन प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकती है । 

  • प्रदेश में बीज प्रतिस्थापन दर लगभग 2 से 5 प्रतिशत है, जिसे आगामी दस वर्र्षे में 4 से 20 प्रतिशत तक किये जाने का कार्यक्रम बनाया है। विपुल उत्पादन देने वाली उननत किस्मों के बीजों का प्रजनक से आधार बीज उत्पादन कार्यक्रम लेने के लिए शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों की आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाना नितांत आवश्यक है । जिससे उत्पादकता में वृध्दि की जाकर प्रमाणित बीजों की उपलब्धता कृषकों को की जा सके । शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों पर बीजोत्पादन कार्यक्रम को सुचारू रूप से लेने के लिए कृषि आदानों की व्यवस्था, खेत की तैयारी से लेकर कटाई-गहाई, ग्रेडिंग-पेकिंग आदि व्यवस्था आवश्यक है ।

  • कृषकों को उच्च गुणवत्ताा के बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये आवश्यक है कि बीज परीक्षण प्रयोगशाला में कराया जाकर मानक स्तर के बीजों को ही उपलबध कराया जावें । प्रदेश में विभाग की एक मात्र प्रयोगशाला ग्वालियर में स्थित है, जिसकी कि, वार्षिक क्षमता 300 नमूनों के विश्लेषण की है। प्रयोगशाला से विश्लेषण क्षमता से दुगनों का विश्लेषण कराया जा रहा हैं । अत: बीज परीक्षण प्रयोगशाला का सुदृढ़ीकरण किया जाकर क्षमता में वृध्दि आवश्यक है, ताकि समयावधि में बीज के नमूनों का विश्लेषण किया जा सकें ।

कृषि विभाग में शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों की आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए भारत शासकीय की तिलहन विकास योजनान्तर्गत बीज गोदाम, थ्रेसिंग, फ्लोअर, नलकूप, स्प्रिंकलर, कूप निर्माण के लिए प्रावधान होने से निर्धारित सीमा तक उक्त आधारभूत सुविधाओं की पूर्ति का प्रयास किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं । 

  • प्रक्षेत्रों के लिए फेंसिंग, पाईप लाईन, फार्म डगआऊट पॉण्ड, तालाब, निकास नाली, सिंचाई नालियाँ, मशीनरी, फार्म रोड़ आदि की आवश्यकता है, जिसकी पूर्ति की जाना आवश्यक हैं ।

  • राज्य शासन की बीज उत्पादन वृध्दि के संबंध में नीति अंतर्गत सूरजधारा एवं अन्नपूर्णा आदि योजनाओं के लिए आधार बीज की पूर्ति की दृष्टि से शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों पर उत्पादित बीजों का ग्रेड़िंग प्रोसेसिंग, पैकिंग आदि कृषि संचालनालय द्वारा उत्पादक संस्था के रूप में कराने से सीड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना चयनित प्रक्षेत्रों पर की जाना है ।

बीज उत्पादन कार्यक्रम

उद्देश्य

अधिक उत्पादन देने वाले उच्च गुणवत्ताा के बीजों का पर्याप्त मात्रा में उत्पादन के लिए आधार भूत सुविधाओं का विकास एवं उन्नत मानक स्तर के प्रमाणित बीज कृषकों का उपलब्ध कराकर उत्पादकता एवं उत्पादन में वृध्दि करना ।

योजना का स्वरूप

विपुल उत्पादन देने वाली उन्नत किस्मों के उच्च गुणवत्ताा के बीज समुचित मात्रा में उपलब्ध न हो पाने के बीजोत्पादन कार्यक्रम में वृध्दि की जानी आवश्यक है । शासकीय प्रक्षेत्रों पर प्रजनक से आधार बीज उत्पादन हेतु आधारभूत सुविधाओं के विकास, एवं प्रक्षेत्र पर लगने वाले आवर्ती एवं अनावर्ती व्यय की व्यवस्था उत्पादकता वृध्दि हेतु आवश्यक है। मानक स्तर के बीज उपलब्ध कराने के लिए बीज परीक्षण प्रयोगशाला का सुदृढ़ीकरण भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित किया गया है।

आधारभूत सुविधाओं का विकास 

शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों पर प्रजनक के आधार बीज उत्पादन कार्यक्रम हेतु आवश्यक आधारभूत संविधायें फेंसिंग, पाईपलाईन, केटल शेड, फार्म डगआऊट पॉण्ड, तालाब, जल निकास नाली, सिंचाई नालियाँ, प्रक्षेत्र विकास, बायोगैस मशीनरी, फार्म रोड़, सीड प्रोसेसिंग यूनिट, थ्रेसिंग फ्लोर की सुविधाएं उपलबध कराई जावेंगी ।

बीज उत्पादन कार्य कृषि प्रक्षेखें की सुविधाएं उपलब्ध कराना  

शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों की बीजोत्पादन के लिए कृषि आदानों की व्यवस्था, खेत की तैयारी बुआई, निंदाई, कटाई, गहाई, ग्रेडिंग, पैकिंग, परिवहन भंडारण व्यवस्था के लिए शासकीय कृषि प्रक्षेंत्र के लिए प्रत्येक प्रक्षेत्र की अधिकतम रूपये 5 लाख प्रदाय किए जा सकते है । प्रक्षेत्रों के कार्यक्रम एवं व्यय सीमा का अनुमोदन आंचलिक प्रबंधक द्वारा फसल मौसम के पूर्व खरीफ 30 मई तक तथा रबी 30 अगस्त तक किया जावे। स्वीकृत सीमा में 10 प्रतिशत तक फेरबदल का अधिकार आंचलिक प्रबंधक को रहेगा । इससे अधिक परिवर्तन होने पर संचालक कृषि का अनुमोदन आवश्यक होगा ।

बीज परीक्षण प्रयोगशाला की सुदृढ़ीकरण

बीज परीक्षण प्रयोगशाला ग्वालियर के सुदृढ़ीकरण हेतु आवश्यक उपकरण, मशीनरी कांच का सामान (ग्लासवेयर) जर्मिनेशन पेपर, रसायन, बिजली फिटिंग सुधार, भवन मरम्मत के लिए प्रावधान रहेगा ।

कार्यक्रम का कार्यक्षेत्र

प्रदेश के सभी शासकीय प्रक्षेत्र एवं बीज परीक्षण प्रयोगशाला ग्वालियर में कार्यक्रम का क्रियान्वयन होगा ।

कार्यक्रम के घटक 

संचालक कृषि के निर्देश पर आंचलिक प्रबंधक, कृषि जलवायु क्षेत्र उप संचालक कृषि/ बीज परीक्षण अधिकारी/ प्रक्षेत्र प्रभारी के माध्यम से क्रियान्वयन करें ।

  • चयनित शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों पर आधारभूत सुविधाओं का विकास

  • आदर्श शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों को बीज उत्पादन के लिए धन राशि की उपलब्धता

  •  बीज परीक्षण प्रयोगशाला का सुदृढ़ीकरण
     

वित्तीय व्यवस्था

  • संचालक कृषि आंचलिक प्रबंधक, कृषि जलवायु क्षेत्र को कार्यक्रम क्रियान्वयन के लिए घटकवार वित्तीय आवंटन जारी करें ।

  •  आंचलिक प्रबंधक चयनित शासकीय कृषि प्रक्षों के लिए आधारभूत सुविधाओं के विकास की विधिवत व्यवस्था करें ।

  • आंचलिक प्रबंधक, कृषि जलवायु क्षेत्र बीज परीक्षण अधिकारी ग्वालियर को प्रयोगशाला के सुदढ़ीकरण हेतु प्रदत्त आवंटन उपलब्ध करायें ।

  •  आंचलिक प्रबंधक, प्रति माह की 10 तारीख तक व्यय पत्रक संचालक कृषि को आवश्यक रूप से भेजे ।
     

घटकवार कार्यक्रम क्रियान्वयन की प्रक्रिया 

 आधारभूत सुविधाओं का विकास  

  • शासकीय कृषि प्रक्षेत्र के प्रभारी प्रक्षेत्र के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का प्रस्ताव तैयार कर नियंत्रणकर्ता अधिकारी (उप संचालक कृषि/ आंचलिक प्रबंधक) के माध्यम से संचालनालय कृषि को भेजे । भेजे जाने वाले प्रस्ताव में प्राक्कलन/ कोटेशन आवश्यकता का औचित्य अनिवार्यत: भेजें । आंचलिक प्रबंधक जलवायु क्षेत्र प्राप्त प्रस्तावों को विधिवत परीक्षण कर 15 दिवस के अंदर संचालनालय को अपने अभिमत/ अनुशंसा के साथ प्रस्तुत करें।

  • संचालनालय कृषि प्राप्त प्रस्तावों का विधिवत परीक्षण कर उपलबध धनराशि के आधार पर प्राथमिकता अनुरूप स्वीकृति प्रदान करें । स्वीकृति अनुरूप आवंटन उपलब्ध करायें ।

  •  आंचलिक प्रबंधक स्वीकृति के एक माह के अंदर मशीनरी एवं उपकरण आदि की क्रय संबंधी कार्यवाही पूर्ण कर प्रदत्त आवंटन का उपयोग सुनिश्चित करायें । निर्माण संबंधी कार्य निर्धारित समयावधि में निर्माण संस्था से पूर्ण कराने का उत्तरदायित्व आंचलिक प्रबंधक का होगा ।

 आदर्श शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों के बीज उत्पादन के लिए धन राशि उपलब्ध कराना।

आंचलिक प्रबंधक कृषि जलवायु क्षेत्र अपने क्षेत्र के चयनित प्रक्षेत्र को आदर्श प्रक्षेत्र के रूप में विकसित करें । उक्त प्रक्षेत्र के चयन पश्चात बीज उत्पादन कार्यक्रम के लिए कृषि आदान की व्यवस्था एवं खेत की तैयारी के लिए धनराशि स्वीकृत करें तथा नियमानुसार राशि से विधिवत व्यवस्था सुनिश्चित करायें ।

बीज परीक्षण प्रयोगशाला का सुदृढ़ीकरण 

  • बीज परीक्षण अधिकारी, ग्वालियर बीज परीक्षण प्रयोगशाला में बीज के नमूनों के विश्लेषण की क्षमता में वृध्दि के लिए आवश्यक उपकरण का विधिवत प्रस्ताव आंचलिक प्रबंधक, कृषि जलवायु क्षेत्र ग्वालियर को प्रस्तुत करें।

  • आंचलिक प्रबंधक, कृषि जलवायु क्षेत्र ग्वालियर प्राप्त प्रस्तावों का विधिवत परीक्षण कर अपनी टीप/ अनुशंसा सहित संचालक कृषि, म0प्र0 को 15 दिवस के अंदर भेजें ।

  • संचालक कृषि प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण कर स्वीकृति जारी कर आवंटन आंचलिक प्रबंधक को उपलब्ध करायें ।

  • आंचलिक प्रबंधक स्वीकृति अनुरूप मशीनरी, उपकरण आदि एक माह के अंदर विधिवत क्रय करना सुनिश्चित करें ।

भौतिक सत्यापन

आंचलिक प्रबंधक, कृषि जलवायु क्षेत्र प्रक्षेत्र हेतु आधारभूत संविधओं एवं प्रयोगशला के सुदृढ़ीकरण के लिए उपलब्ध कराई गई मशीनरी, उपकरण आदि का सत्यापन अधिकृत वर्ग-2 अधिकारी से करायें तथा भ्रमण के समय स्वयं भी करें । 

निरीक्षण एवं अनुश्रवण 

  • उप संचालक कृषि अधिनस्थ प्रक्षेत्र का निरीक्षण वर्ष में दो बार विधिवत अनिवार्य रूप से करें ।

  • आंचलिक प्रबंधक, कृषि जलवायु क्षेत्र अपने अधिनस्थ प्रक्षेत्रों का निरीक्षण वर्ष में एक बार अनिवार्य रूप से विधिवत करें । निरीक्षण पश्चात एक सप्ताह के अंदर प्रतिवेदन संचालनालय को भेजना सुनिश्चित करें ।

  • प्रक्षेत्र भ्रमण के समय आधारभूत सुविधाओं के अंतर्गत आवश्यकता का विधिवत आंकलन कर अधिकारी भ्रमण पंजी में आवश्यक निर्देश देवें । प्रक्षेत्र के व्यय एवं आय का विधिवत परीक्षण करें तथा आवश्यक निर्देश देंवे ।

  • आंचलिक प्रबंधक, कृषि जलवायु क्षेत्र ग्वालियर बीज परीक्षण प्रयोगशाला का वर्ष में दो बार निरीक्षण करें । निरीक्षण पश्चात एक सप्ताह के अंदर प्रतिवेदन संचालनालय को भेजना सुनिश्चित करें । आंचलिक प्रबंधक बीज परीक्षण प्रयोगशाला ग्वालियर का आंकस्मिक भ्रमण कर बीजों की गुणवत्ता के लिये किये जा रहे परीक्षण की विधिवत पुष्टि करें तथा प्रयोगशाला के सुदृढ़ीकरण के लिए समुचित व्यवस्था कर बीज परीक्षण परिणाम समयावधि में भिजवाना सुनिश्चित करें।

व्यय 

संचालनालय कृषि से प्रापत आवंटन का उपयोग करने लिए लिए 31 जनवरी अंतिम तिथि निर्धारित की जाती है । उसके पश्चात संचालक कृषि आवंटित राशि वापिस आवश्यकतानुसार अन्य प्रक्षेत्रों के लिए भेजें।


M.P. Krishi
 
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