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मुद्रा 2015-16

जैव उत्पादन पंजीकरण प्रक्रिया


 जैव उत्पादन पंजीकरण प्रक्रिया

प्रदेश में जैविक खेती के द्वारा विभिन्न फसले एवं फल सब्जी एवं औषधीय फसलें आदि उगाये जा रहे हैं शनै:- शनै: क्षेत्र विस्तार हो रहा है कृषको को जैविक उत्पादन का उचित मूल्य मिल सके ,इसलिए जैविक विधि से उत्पादित उत्पाद के पंजीकरण की व्यवस्था की जाना आवश्यक है ।
हमारे देश में मानको का निर्धारण अन्तर्राष्ट्रीय मापदण्डों के आधार पर होने की प्रक्रिया चल रही है । संभवत: इसमें देर होने की संभावना है । इन परिस्थितियों में कृषको के हित में यह आवश्यक होगा कि प्रदेश में जैविक उत्पाद के पंजीकरण की व्यवस्था तत्काल श्।ुरू कर दी जावे ताकि अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के निर्धारण तक हमारे गांवो से विशुध्द जैविक उत्पाद प्रमाणीकरण पर खरें उतरें और उसके साथ ही उनके विक्रय की व्यवस्था हो ।

पंजीकरण दायित्व

जैव उत्पाद पंजीकरण हेतु स्वतंत्र संस्था ग्रामसभा को पंजीकरण की व्यवस्था का दायित्व सौपा जाता है । चयनित जैविक खेती गांव में यह व्यवस्था तत्काल प्राथमिकता से लागू की जावेगी ।

निरीक्षक

विकास खण्ड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी जैविक खेती से बोई गई फसलों के निरीक्षण के दायित्व का निर्वहन करेंगें ।

भूमि परिवर्तन अवधि

समय के निर्धारण में इस बात का ध्यान रखा जावे कि भूमि का उपयोग पिछले वर्षो में किन फसलों के लिये किया गया है तथा इनमें रसायनों के उपयोग का स्तर क्या था । भूमि में तत्वों की उपलव्धता की स्थिति क्या है । अन्तर्राष्ट्रीय मापदण्डों में 3 वर्ष की समय सीमा को मान्यता है । सामान्यत: 3 वर्षो में भूमि से रसायनों के अवशेषों का क्षरण हो जाता है अत: इस सीमा का पालन किया जावे ।

पंजीकरण श्रेणी

जैविक खेती में कृषकों के बढ़ते रूझानको ध्यान में रखकर निम्नानुसार फसल परिवर्तन की अवधि के अनुरूप पंजीकरण की श्रेणियों का निर्धारण किया जाता है :-
प्रथम वर्ष - पंजीयन प्रमाण-पत्र श्रेणी 'स''
द्वितीय वर्ष - पंजीयन प्रमाण-पत्र श्रेणी 'ब'
तृतीय वर्ष - पंजीयन प्रमाण-पत्र श्रेणी 'अ'

आधारभूत मानक

कृषक जो जैविक खेती करता है उसे निम्नानुसार मानको का पालन करना होगा ।

  • किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरक ,पौध संरक्षण / नीदानाशक औषधियों का उपयोग नहीं किया जावे ।

  • पौध संरक्षण औषधी के रूप में सड़ा हुआ मठा एवं गौ-मूत्र का उपयोग ।

  • जेनिटिक इंजीनियरिंग से उत्पादित बीज का उपयोग न किया जावे ।

  • फसल कटने उपरांत अवशेषों को जलाया न जावे ।

  • प्रतिरोधक / सहनशील किस्मों के उपयोग को प्राथमिकता दी जावें ।

  • फसल चक्र का पालन किया जावे ।

  • भूमि केतत्वों की आपूर्ति हेतु गोबर से तैयार किए गए जैविक खाद,बायौगैस स्लरी ,नाडेप कंपोस्ट ,फास्फो कंपोस्ट ,वर्मी कंपोस्ट ,नीलहरित काई ,एंजोला आदि का उपयोग किया जावे ।

  • शीघ्र खादें -मटका खाद ,भभूत अमृत पानी ,अमृत संजीवनी का उपयोग किया जावे ।

  • बीज उपचार में जैविक औषधियों का उपयोग किया जावे ।

  • व्यवसायिक स्तर पर तैयार नीम के उत्पाद ,परजीवी ,परभक्षी विषाणुओं का उपयोग कीटव्याधि नियंत्रण हेतु किया जावे ।

  • नीम करंज की पत्तियां ,नीम के तेल ,निबोली आदि की प्रक्रिया उपरांत उपयोग पोधसंरक्षण औषधियों के रूप में किया जावे ।

अनुबंध की शर्ते

  • कृषक का यह दायित्व होगा कि अपने खसरा नंबर के सम्पूर्ण रकवे अथवा आशिक क्षेत्र में जैविक खेती करेगा तथा वह उस भूमि में प्रति वर्ष खरीफ/ रब/जायद में लगाई जाने वाली फसलें जैविक पध्दतियों से ही बोयेगा ।

  • भूमि के तत्वों की आपूर्ति ,कीटव्याधि,नीदा नियंत्रण में किसी प्रकार के नियंत्रण में किसी प्रकार के रसायनों (रासायनिक खाद /दवा) का उपयोग नही करेगा ।

  • कृषि विभाग के मार्गदर्शन में फसल चक्र अपनाया जावे ।

  • जैविक फसलों के उत्पादन में काम आने वाले स्प्रे पंप अलग रखना होगा तथा इसका उपयोग रासायनिक दवाओं आदि के छिड़काव में नहीं किया जावे ।

  • खसरे के संपूर्ण रकबे में जैविक खेती न करने की स्थिति में खेत के अन्दर विभाजन रेखा स्वरूप तीन मीटर चौड़ी पट्टी में अन्य फसल बोयेगा ताकि अन्य फसलों पर रसायनों का प्रभाव जैविक खेती पध्दति से बोई गई फसल पर न पड़े ।

  • पंजीयन हेतु आवेदन के साथ राशि रू0 25/- प्रति हेक्टर की दर से ग्राम सभा में जमा करना होगा ।

  • खरीफ फसल हेतु 15 मई ,रबी फसल हेतु 30 हसतम्बर एवं जायद फसल हेतु 15 फरवरी आवेदन देने की अंकतम तिथि होगी ।

  • प्रथम वर्ष के उत्पादित बीज का उपयोग द्वितीय वर्ष करना होगा । अर्थात जैविक खेती में उत्पादित बीज ही उपयोग किया जावे ।

  • फसल कटाई उपरांत किसी भी प्रकार की मिलावट (अन्य किस्में ,जिन्स धूल मिट्टी ) नहीं होना चाहियें ।

  • भण्डारण में रसायनों का प्रयोग न किया जावे ।

  • विभिन्न मौसम में बोई जाने वाली फसल के पंजीकरण हेतु अलग-अलग आवेदन देना होगा पंजीयन क्रमांक में परिवर्तन नहीं होगा ,किन्तु पंजीयन शुल्क देना होगा ।

  • आवेदन निरीक्षण के समय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी / समिति द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।

पंजीयन प्रक्रिया

  • कृषक को अनुवंध एवं आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप 1 एवं 2 में ऋण पुस्तिका की छाया प्रति के साथ ग्राम सभा को दो प्रतियों में प्रस्तुत करना होगी, इसकी एक प्रति ग्रामसभा की कृषि समिति की अनुशंसा सहित वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को दी जावेगी ।

  • ग्रामसभा की कृषि स्थाई समिति एक पृथक पंजी प्रारूप 3 केअनुसारतैयार करेगी । इसमें प्रत्येक कृषक के लिए अलग-अलग पृष्ठ आवंटित किये जावेगे तथा आवेदन पत्र प्राप्त होने पर पृविष्टियां पूर्ण की जावेगी इसका संधारण क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा किया जावेगा ।

  • वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकास खण्ड स्तर पर जैविक खेती की पंजी का संधारण निर्धारित प्रारूप 4 में करेंगे ।

निरीक्षण

(अ) ग्राम सभा

ग्राम सभा की कृषि समिति का यह दायित्व होगा कि वह फसल अवधि में प्रत्येक माह में एक बार फसल का अवलोकन करें एवं जैविक खेती पंजी में अपनी टीप अंकित करें ।

 (ब) वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी

  • फसल बौनी के उपरांत निरीक्षक विकास खण्ड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा किया जावेगा ।

  • निरीक्षण में समस्त शर्तो का पालन करते हुए फसल की बौनी की गई है इसका सत्यापन होगा ।

  • निरीक्षण के दौरान ग्राम सभा की कृषि स्थायी समिति के अध्यक्ष /सदस्य की उपस्थिति अनिवार्य होगी ।

  • वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी निरीक्षण के दौरान कृषि समिति ,कृषक एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से प्रारूप 4 में प्रमाण -पत्र प्राप्त करेंगे

  • वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारीअन्य श्रोतो से यह सुनिश्चित करेंगें कि कृषक ने किसी भी प्रकार के रसायनों का उपयोग नहीं किया है ।

  • कृशक द्वारा किस जैविक खाद ,औषधि का उपयोग किस मात्रा मेंकिया है इसका विवरण क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विसतार अधिकारी अपनी पंजी में रखेगे ।

  • ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की इस पंजी मे पर निरीक्षण के दौरान टीप वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अंकित करेंगें ।

  • वरिष्ठ कृशि विकास अधिकारी द्वारा निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा ।

  • निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप प्रक्रिया का पालन न करने की स्थिति में कृषि समिति एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी प्रमाणीकरण हेतु बाध्य नहीं होगे ।

  • निरीक्षण टीप जैविक खेती पंजी में कृषक के खाते में दी जावे

  फसल कटाई प्रयोग

  • पंजीकृत कृषकों के खेतों में फसल कटाई प्रयोग निर्धारित प्रकिया के अनुरूप ग्रामीण कृषि विस्तार अध्।किारी संपादित करेगे इस अवसर पर कृषि समिति के कोई न कोई सदस्य की उपस्थिति अनिवार्य होगी

  • जैविक खेती पंजी में निर्धारित प्रारूप में परिणाम फसल कटाई प्रयोग के आधार पर अंकित किये जावेगे तथा संपूर्ण गहाई उपरांत वास्तविक उत्पादित आंकड़े का इन्द्राज भी किया जावे ।

  • फसल कटाई के प्रयोग परिणाम एवं वास्तविक उत्पादन के आंकड़े की सूचना ग्रामसभा की कृषि समिति वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को देगी ।

  •  वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी प्राप्त आंकड़ो का इन्द्राज जैविक खेती पंजी में कृषक के खाते में करेंगे ।

  जैव उत्पाद का भण्डारण

  • कृषक को जैव उत्पाद को सभंल कर अन्य फसल के बीजों से अलग सुरक्षित स्थान में भण्डारण करना होगा ।

  • भण्डारण में किसी प्रकार के रसायन का उपयोग न किया जावे ।

  प्रमाण-पत्र

  • वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी निरीक्षण के आधार पर संबंधित कृषक को पंजीयन प्रमाण-पत्रजारी करने की अनुशंसा प्रारूप 5 में करेंगे ।

  • ग्राम की कृषि समिति पूर्ण संतुष्टि उपरांत कृषक को जैव उत्पाद पंजीयन प्रमाण -पत्र प्रदाय करेगी

निर्यात संभावनाये एवं प्रक्रिया

  • भारत शासन द्वारा निर्धारित मापदण्डो ,जो कि जैविक खेती पर केन्द्र सरकार द्वारा गठित टास्क फोर्स की अनुशंसाओं में उध्दत है (परिशिष्ट एक एवं दो ) का पालन जैव उत्पाद के निर्यात में किया जावेगा भारत शासन द्वारा अधिकृत एजेंसियों / संस्थाओं के द्वारा प्रमाणीकरणका कार्य संपादित किया जावेगा ।

  • जैविक खेती करने वाले कृषकों की जानकारी कृषि की बेबसाइट पर प्रसारित की जावेगी ।

  • अधिकृत निर्यातक संस्थाये अन्तर्राष्ट्रीय मापदण्डों के अनुरूप उत्पाद का क्रय करने हेतु स्वतंत्र होगी ।

  • मूल्य निर्धारण का कार्य उपभोक्ता / संस्थायें एवं उत्पादकों द्वारा स्वयं किवेगा


प्रारूप-I

  

आवेदन - पत्र

  प्रति,
  सभापति,
  कृषि समिति,
  ग्राम सभा
  ग्राम..........................

  विषय :- जैविक पध्दति से खेती करने संबंधी पंजीयन बाबत् ।

  मै ..............................पिता / पति..................ग्राम...................  का कृषक हूँ । मै खरीफ/ रबी/ जायद वर्ष ...............................में
 निम्नानुसार फसल जैविक पध्दति से उत्पादित करना चाहता/चाहती हूँ ।मैं उक्त रकबे में किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरक   एवं पौध संरक्षण औषधियों का उपयोग नहीं करूॅंगा/करूॅंगी तथा पूर्णत: जैविक पध्दतियों को अपनाऊगा/अपनाऊगी । मैं  अनुबंध की समस्त शर्तो से सहमत हूँ,अनुबंध पत्र संलग्न है अत: मेरा नाम पंजीबध्द करने का कष्ट करें ।
 

मौसम
 

 

खसरा नं0एवं रकबा (हेक्टयर)

बोयी जाने वाली फसल का रकबा (हेक्टयर)

1

2

3

4


दिनांक......................

हस्ताक्षर
ग्राम:-----------
विकासखण्ड:----------
ग्राम सभा की कृषि समिति की अनुशंसा

 

क्र/जै.खे./ दिनांक...................

श्री -----------पिता/पति--------ग्राम--------विकास खण्ड--------का नाम ग्राम सभा की जैविक खेतीपंजी में पृष्ठ क्र ---------अनुक्रमांक-----पर अंकित है !
जैविक खेती हेतु इनका नाम पंजीकृत किया जाये ।

हस्ताक्षर
सभापति
कृषि समिति
ग्राम सभा,ग्राम--------

प्रतिलिपि:-वरिष्ठ कषि विकास अधिकारी ,विकास खण्ड ,
...................................की ओर आवश्यक कार्यवाही हेतु ।

हस्ताक्षर
सभापति
कृषि समिति
ग्राम सभा,ग्राम--------

 


 

प्रारूप-II

 

अनुबंध


वर्ष ....................में कृषक श्री/श्रीमती......................पिता/पति श्री .......................ग्राम.................... विकाऊ मैं जैविक खेती से जैविक उत्पाद उत्पादित करना चाहता/चाहती हूं । मैने अपना आवेदन-पत्र प्रस्तुत कर दिया है, जिसमें उत्पादित की जाने वाली फसल का विवरण ंअंकित है । जैविक उत्पाद पंजीकरण हेतु मै ग्राम सभा की कृषि समिति के साथ निम्न शर्तों पर अनुबंधित होता/होती हूं ।
मैं ...........................

  • जिस खसरा नंबर के सम्पूर्ण अथवा आंशिक रकबे मे जैविक खेती करूंगा,उस भूमि मे प्रतिवर्ष खरीफ/रबी/जायद मे लगाई जाने वाली फसलें जैविक पध्दतियों से ही बोऊगा/बोऊगी ।

  • भूमि के तत्वों की आपूर्ति, कीट व्याधि, नींदा नियंत्रण में किसी प्रकार के रसायनों (रासायनिक खाद/दवा) का उपयोग नहीं करूंगा/करूंगी ।

  • कृषि विभाग के मार्गदर्शन में फसल चक्र अपनाऊंगा/अपनाऊंगी ।

  • जैविक फसलों के उत्पादन में काम आने वाले स्प्रे पम्प आदि अलग रखूंगा/रखूंगी तथ इनका उपयोग रासायनिक दवाओं आदि के छिडकाव में नही करूंगा/करूंगी ।

  • खसरे के सम्पूर्ण रकबे मे जैविक खेती न करने की स्थिति में खेत के अन्दर विभाजन रेखा स्वरूप तीन मीटर चौडी पट्टी में अन्य फसल की बोनी करूंगा/करूंगी

  • पंजीयन हेतु आवेदन के साथ निर्धारित शुल्क जमा करने हेतु सहमत हूं ।

  • प्रथम वर्ष के उत्पादित बीज का ही उपयोग द्वितीय वर्ष में बोनी करने हेतु करूंगा/करूंगी ।

  • फसल कटाई उपरांत किसी भी प्रकार की मिलावट (अन्य किस्में, जीन्स,धूल, मिट्टी आदि) नहीं होने दूंगा/दूंगी तथा भण्डारण में रसायनों का उपयोग नहीं करूंगा/करूंगी ।

  • विभिन्न मौसम में बोई जाने वाली फसल के पंजीकरण हेतु अलग-अलग आवेदन पंजीयन शुल्क के साथ प्रस्तुत करूंगा/करूंगी ।

  • वरिष्ठ कषि विकास अधिकारीृ/समिति द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन करूंगा/करूंगी ।

  गवाह के हस्ताक्षर
  1.................................
  2................................
  ग्रामसभा....................

  गावं....................

हस्ताक्षर कृषक
नाम......................
ग्रामसभा....................

गावं....................

 


प्रारूप-III

ग्राम सभा में जैविक खेती पंजी का प्रारूप
कृषक का नाम......................गावं का नाम.......................
 

आवंटित पंजीयन क्रं. ..... मौसम...... खरीफ/रबी/जायद
आवेदन प्रस्तुति दिनांक.............

अनुबंध प्राप्त#/अप्राप्त

जमा शुल्क

बोई जाने वाली फसल का विवरण

 

रसीद नं./ दिनांक

राशि (रूपये)

फसल

खसरा नंबर

रकबा हेक्टेयर

1    

2

3

 4

6

7

 

बोई गई फसल का विवरण

फसल

खसरा नंबर

रकबा हेक्टेयर

8

9

10

कृषि समिति के निरीक्षण का विवरण
 


 

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी

जैविक खेती पंजी का प्रारूप

ग्राम सभा से आवेदन की प्रति प्राप्ति दिनांक

बोई जाने यवाली फसल का विवरण

बोई गई फसल का विवरण

    
 

फसल

खसरा नंबर

रकबा हे.

फसल

खसरा नंबर

रकबा हे.

1

2

3

4

5

6

7

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी की निरीक्षण टीप.................

वरिष्ठ अधिकारियों की निरीक्षण टीप ............................
 


प्रारूप-5

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को निरीक्षण के दौरान प्रस्तुत किया जाने वाला
प्रमाण-पत्र

प्रमाणित किया जाता है कि कृषक श्री...................ग्राम.........................विकासखंड........................................जिला..............................
ने खसरा नंबर .......................में ............................हेक्टेयर क्षेत्र में ......................फसल की बोनी की है ।
उक्त रकबे में आज दिनांक तक किसी प्रकार के रासायनिक उर्वरक एवं पौध संरक्षण औषधियां का उपयोग नहीं किया है ।

दिनांक.................
 

हस्ताक्षर
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी
क्षेत्र .........................
विकास खंड....................
जिला...............

हस्ताक्षर कृषक

हस्ताक्षर सभापति
कृषि समिति
ग्राम सभा, ..........

गांव...............


प्रारूप-6

कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी

प्रति,
सभापति
ग्राम सभा
कृषि समिति
गावं

विषय :- कृषक द्वारा जैविक पध्दति से उत्पादित फसल का प्रमाणिकरण ।

कृषक श्री/श्रीमती .................. पिता/पति.........................ग्राम ...............................विकास खंड...........................निवासी है ।
इन्होने वर्ष ....................में ............................फसल जैविक पध्दति से उत्पादित की है । ग्राम सभा से प्राप्त सूचना के आधार पर इनका वास्तविक उत्पादन ..............हुआ है । कृषक के खेत के निरीक्षणों के आधार पर इन्हें प्रमाण-पत्र श्रेणी.................की पात्रता है ।

दिनांक ............../........../20
 

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी
विकास खंड...............जिला........


प्रारूप-7

ग्राम सभा कृषि समिति
गावं.............................
प्रमाण-पत्र


प्रमाणित किया जाता है कि कृषक श्री./श्रीमती..................पिता/पति श्री ............................ग्राम.........................विकास खण्ड........................................जिला.............................. का निवासी है । इन्होने वर्ष ...............में. निम्नानुसार फसलें जैविक पध्दति से उत्पादित की है इनमें किसी प्रकार के रासायनिक उर्वरक अथवा पौध संरक्षण औषधियों का उपयोग नहीं किया है एवं इनके द्वारा अनुबंध की शर्तों का पालन किया गया है ।
 

क्रं

फसल का नाम

खसरा नं

बोया गया रकबा (हेक्टर)

वास्तविक उत्पादन

1

 

     

2

       

3

       

4

       


कृषक को जैविक उत्पाद प्रमाण-पत्र श्रेणी ..................प्रदाय किया जाता है ।


दिनांक......../......./20..

                                                                                  सभापति
                                                                                  कृषि समिति

                                                                                 ग्राम सभा, गांव


M.P. Krishi
 
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