कृषक हितेषी
कृषक हितेषी निर्णय
सफलता की कहानी
कृषि दर्शन
मण्डी भाव
कृषि समाचार
फोटो गैलरी
कृषि संबंधित जानकारी 
फसल केप्सूल
आकस्मिक कार्य योजना
बीज
उर्वरक
पौध संरक्षण
मिट्टी परीक्षण
कृषि यंत्रीकरण
बीज गुणवत्ता
उर्वरक गुणवत्ता
कृषि सांख्यिकी
जैविक खेती
जैविक खेती
उत्पाद पंजीकरण
जैविक कृषि नीति
खेती को लाभकारी बनाने के लिए सुझाव
विभागीय गतिविधियाँ
नोटिस बोर्ड
वरिष्ठता / स्थानांतरण सूचि
परिपत्र
निविदाएं
प्रकाशन
मुद्रा 2015-16
फसल सिफारिशें

खरीफ फसल-अरहर

कीट प्रबंधन -अरहर


कीट हेलीकोवरपा आर्मीजेरा  
प्रचलित नाम फल्ली भेदक

क्षति
  • छोटी इल्लियां पौधे के हरे भाग को खाती है।
  • बड़ी इल्लियां फूलों के भाग, फूल पत्तियां एवं फल्लियों को खाती है।
  • फल्लियों के बाहरी भाग को खाने से छेद हो जाते है जिससे इल्लियां अन्दर जा कर दानों को भी खा लेती है।
आई.पी. एम. 
  • प्रतिरोधक किस्में जैसे आई.सी.पी. एल. 1, 2,269,332,187-1,84060, आई.सी.पी. 1811-ई.3 , 1903-ई.1,5036, 3615, 10466,पी.डी.ई.45-2 एवं एम.ए.-2 इत्यादि का उपयोग करें।
  • उत्तर भारत में फल्ली भेदक संवेदनशील क्षेत्रों में बहार किस्म को उगाए।
  • कृषि जलवायु क्षेत्र के अनुसार उपयुक्त समय पर बोनी करें।
  • कम अवधि वाली किस्मों पर फल्ली भेदक का आक्रमण नहीं हो पाता है।
  • जल्दी पकने वाली अरहर की किस्मों को मूंग के साथ अन्तरवर्तीय फसल के रूप में लेने से फल्ली भेदक का आक्रमण कम होता है।
  • खेत से खरपतवारों को हटाए।
    फेरोमोन प्रपंच का उपयोग करें।
  • फली भेदक इल्ली हेतु हेलिकोवर्पा एन.पी.वी. का 650 इल्ली समतुल्य घोल प्रति हेक्टर की दर से चिपचिपे पदार्थ जैसे टिपोल 0.1 प्रतिशत तथा गुड 0.5 प्रतिशत मिलाकर कीट के अण्डे एवं इल्लियों की छोटी अवस्था पर ही छिडकाव करें ।
नियंत्रण
  • फल्ली भेदक के लिए आर्थिक क्षति स्तर 2 इल्लियां प्रति 0.5 वर्ग मीटर है।
  • कोई भी कीटनाशक का उपयोग 50 प्रतिशत फूल आने की अवस्था में करें और 10-15 दिन बाद नीम सत का छिड़काव करें।

कीट एग्जीलासटिस एटोमोसा  

प्रचलित नाम अरहर पिच्छ की शलभ
क्षति
  • इल्लियां कलियों को खाती है।
  • कलियों को खाने से छेद हो जाते है तथा इल्लियां दाने खा लेती है।
  • इल्लियां दानों के अन्दर मल त्यागती है जिससे फंफूद हो जाती है।
आई.पी. एम. 
  • कृषि जलवायु क्षेत्र के अनुसार उपयुक्त समय पर बोनी करें।
  • जल्दी पकने वाली अरहर की किस्मों को मूंग के साथ अन्तरवर्तीय फसल के रूप में लेने से पिच्छ शलभ का आक्रमण कम होता है।
  • स्वच्छ खेती करें।
नियंत्रण
  • पिच्छ की शलभ के लिए आर्थिक क्षति स्तर 5 इल्ली प्रति 10 पौधे है।
  • 50 प्रतिशत फूल आने पर कोई भी उपयुक्त कीटनाशी का छिड़काव किया जा सकता है।
  • 36 ई.सी. मोनोक्रोटोफॉस का 1 लीटर/ हे. की दर से छिड़काव करें।

कीट क्लेवीग्रेल्ला जिब्बोसा  

प्रचलित नाम फली बग (मत्कुण )
क्षति
  • कीट की वयस्क एवं शिशु अवस्था सबसे ज्यादा हानिकारक है।
  • कीट तने से रस चूस लेता है।
  • उपज में कमी आती है तथा दानों का आकार छोटा हो जाता है।
आई.पी. एम. 
  • प्रतिरोधक किस्में उगाए।
  • स्वच्छ खेती करें।
  • फसल चक्र अपनाए।
नियंत्रण  निम्नलिखित कीट नाशकों में किसी एक का छिड़काव करें।
  1. द्ममोनोक्रोटोफॉस 40 ई.सी. 1.25 लीटर/ हे की दर से
  2. फेनीट्रोथीओन 50 ई.सी. 1 लीटर/ हे. की दर से
  3. उपरोक्त कीटनाशकों का छिड़काव 600-625 लीटर पानी के साथ करें।
  4. यदि कीटों का प्रकोप कम न हो तो 15 दिन के अन्तराल से पुन:छिड़काव करें।
     

कीट मेलेनएग्रोमाइजा आबटयूसा  

प्रचलित नाम फली मक्खी
क्षति
  • यह मक्खी दानों को खाती है।
  • ये दानों में छेद करके उनमें सुरंग बना देती है।
  • क्षतिग्रस्त दाने पकते नहीं है और उनमें कवक उत्पन्न हो जाती है।
  • संक्रमित दाने अपनी अंकुरण क्षमता खो देते है।
आई.पी. एम.
  • प्रतिरोधक किस्में जैसे आई.सी.पी.एल. 6, आई.सी.पी. 1903, 7941 ई-1, 7946 ई-1, 7176-5,8094-2-एस 2, 802-5-51 पी.डी.सी. 37-3 एवं एम.ए.आई. का उपयोग करें।
  • ज्वार, मक्का एवं मूंगफली के साथ अन्तरवर्तीय फसल लें।
नियंत्रण
  1. 50 प्रतिशत फूल आने पर कोई भी कीटनाशक का उपयोग करें। और 10-15 दिन बाद नीम सत का उपयोग करें।

कीट एफिस क्रेसीवोरा   

प्रचलित नाम माहू
क्षति
  • कीट के वयस्क एवं शिशु पौधे के कोमल हिस्सों से रस चूसते है।
  • छोटी फल्लियां क्षतिग्रस्त हो जाती है।
आई.पी. एम. 
  • समय पर बोनी करें।
  • अधिक नत्रजन का उपयोग न करें।
     
नियंत्रण
  • 25 ई.सी. मिथाइल डेमाटोन 300 मि.ली./ हे की दर से 600-700 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।
  • 250 लीटर/ हे फास्फोमिडॉन का छिड़काव 650-700 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।
     

कीट माईलाबिस पश्चूलेटा   

प्रचलित नाम ब्लिस्टर बीटल
क्षति -
आई.पी. एम
  1. ब्लिस्टर बीटलं की विभिन्न अवस्थाओं को प्रारंभ में ही हाथों से एकत्रित कर नष्ट करें ।
नियंत्रण
  • 50 डब्लू.पी. कार्बारिल 1.25 कि.ग्रा./ हे. की दर से छिड़काव करें।
  • उपरोक्त छिड़काव 600 से 625 लीटर पानी में मिलाकर करें।
कीट बग विविल   

प्रचलित नाम बग विविल
क्षति -
आई.पी. एम -
नियंत्रण
  • 40 ई.सी. ट्राईलोफॉस 700 मि.ली
  • उपरोक्त कीटनाशक 600-700 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।

कीट काऊ बग   

प्रचलित नाम काऊ बग
क्षति -
आई.पी. एम -
नियंत्रण
  • 25 ई.सी. क्वीनालफॉस 750-800 मि.ली. की दर से छिड़काव करें।
    या
    40 ई.सी. ट्राईजोफॉस 750 मि.ली. की दर से छिड़काव करें।
  • उपरोक्त छिड़काव होलो कोन नोजल के द्वारा 600-700 लीटर / हे. पानी के साथ करें।

 


कीट हेलीकोवरपा   

प्रचलित नाम हरी फल्ली भेदक
क्षति -
आई.पी. एम -
नियंत्रण -

कीट एम्पोस्का केरी   

प्रचलित नाम फुदका
क्षति -
आई.पी. एम. 
  • पोटॉश एवं फास्फोरस की अनुमोदित मात्रा का उपयोग करे।

नियंत्रण -

कीट इकोस्मा कृटिका   

प्रचलित नाम लीफ वेवर
क्षति -
आई.पी. एम.  -
नियंत्रण -

कीट फल्ली चूसक बग   

प्रचलित नाम फल्ली चूसक बग
क्षति -
आई.पी. एम. 
  • जे.ए.-4 या जे.के.एम.-7 जैसी मध्यम अवधि की किस्मों को उगाए।

नियंत्रण
  • 40 ई.सी. ट्राइजोफॉस 700 मि.ली की दर से छिड़काव करें।
  • उपरोक्त छिड़काव 600-700 लीटर पानी में हेलो कोन नोजल के साथ करें।

कीट धारीदार कीट   

प्रचलित नाम धारीदार कीट
क्षति -
आई.पी. एम. 
  • जे.ए.-4 या जे.के.एम.-7 जैसी मध्यम अवधि की किस्मों को उगाए।
नियंत्रण

कीट धारीदार फल्ली भेदक   

प्रचलित नाम धारीदार फल्ली भेदक
क्षति
आई.पी. एम. 
  • समय पर बोनी अवश्य करें।
  • नत्रजन उर्वरकों का अधिक उपयोग न करें।
  • पानी का जमाव न होने दें।
नियंत्रण -

M.P. Krishi
 
किसान को दी जाने वाली सुविधायें |डाउनलोड फॉण्ट|डिस्क्लेमर|वेब सूची|उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका|ू. दिगदर्शिका|अचल सम्पति

वेबसाइट:आकल्पन,संधारण एवं अघयतन क्रिस्प भोपाल द्वारा   
This site is best viewed in IE 6.0 and above with a 1024x768 monitor resolution
कृषिनेट  पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी, फोटो, लिंक, विडियो कल्याण तथा कृषि विकास संचालनालय एवं विभाग के अन्य सहयोगी संस्थानों द्वारा उपलब्ध करायी गई है