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मुद्रा 2015-16
फसल सिफारिशें

खरीफ फसल - मक्का
 आई. पी. एम.
 
  1.  खेत में समय समय पर जाकर कीड़ों एवं प्राकृतिक जैविकों का अवलोकन करना चाहिए।
  2.  कटाई के बाद गहरी जुताई करने से सफेद लट और तना छेदक के प्रकोप को कम किया जा सकता है।
  3.  अच्छी तरह सड़ी हुई खाद का ही उपयोग करना चाहिए ताकि सफेद लट के प्रकोप से बचा जा सके।
  4.  फसल चक्र अपनाए।
  5.  अग्रिम बोनी से शूट फ्लाई इत्यादि का प्रकोप कम किया जा सकता है।
  6.  बीज दर में थोड़ी सी वृध्दि कर बाद में पौध संख्या में विरलन करें।
  7.  रोग सहनशील / प्रतिरोधक किस्मों का उपयोग करें।
  8.  गंगा-5 और संकुलित जातियों में तना छेदक कीट का प्रकोप कम होता है।
  9.  प्रकाश प्रपंच का उपयोग करने से सफेद लट और कार्न छेदक को निंयत्रित किया जा सकता है। इसके लिए 125 वॉट का मरकरी वेपर का लेम्प का उपयोग करे।
  10.  फेरोमैन ट्रेप के उपयोग से नर तना छेदक का निंयत्रण किया जा सकता है।
  11.  हर हेक्टेयर में पांच फेरोमैन टे्रप लगाना चाहिए एवं प्रतिदिन इनमें एकत्र पखियों को नष्ट करें।
  12.  फसल के पूर्व अवशेषों को नष्ट करें।
  13.  एपेन्टालिस, टाइकोग्रामा, लेडी बर्ड बीटल, केरेबिडस एवं मकडी इत्यादि मित्र कीटों का संरक्षण करें ।
  14.  फसल पर भुट्टा बेधक (हेलिकोवर्पा आर्मीजेरा) के अण्डे एवं छोटी इल्लियों दिखाई देने पर हेलिकोवर्पा एन.पी.वी. 250 एल.ई. (इल्ली समतुल्य) घोल का छिडकाव प्रति हेक्टर की दर से करें ।
  15.  तना छेदक हेतु टाइकोग्रामा चिलोनिस के 75000 अण्डे प्रति हेक्टर प्रति सप्ताह की दर से फसल पर छोडें ।

रासायनिक कीटनाशकों द्वारा : 

  1. प्ररोह मक्खी द्वारा प्रकोपित क्षेत्रों हेतु कार्बोफ्यूरान 50 एस.पी. द्वारा 100 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करें ।
  2.  तना छेदक के नियंत्रण हेतु क्लोरपाइरीफास 20 ई.सी.1000 मि.ली. प्रति हेक्टर की दर से उपयोग करें ।
  3.  पत्तियों के आस पास दानेदार दवा कार्बोफ्यूरान 3 जी.10 किग्रा. प्रति हेक्टर की दर से तना छेदक के नियंत्रण हेतु 4-6 दाने प्रति पोगली डालें ।
  4.  माहू कीट जो पत्तियों से रस चूसते हैं साथ ही पराग कणों के झडने में भी कारक होते हैं । इत: इनके नियंत्रण हेतु डाइमिथोएट 30 ई.साी. 750 मिली. प्रति हेक्टर की दर से टसलिंग अवस्था में छिडकाव करें ।
  5.  भुट्टा बेधक (हेलिकोवर्पा आर्मीजेरा) जो मक्के के दानों को मुख्य रूप से हानि पहुंचाते हैं । इनके नियंत्रण हेतु इण्डोसल्फान 35 ई.सी. 1500 मि.ली. प्रति हेक्टर की दर से छिडकाव करें ।

M.P. Krishi
 
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