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मुद्रा 2015-16

फसल सिफारिशें

खरीफ फसल- मूंग

आई. पी. एम.

  1. गहरी जुताई, जल्दी बोनी एवं समय पर सिंचाई अच्छी फसल के लिए आवश्यक है।

  2.  प्रतिरोधक या सहनशील किस्मों का उपयोग करना चाहिए।

फसल किस्में क्षेत्र :-

  1. पीला मोजेक वायरस पंत मूंग 2, पंत मूंग 3 मध्य पश्चिम उ.प्र.,बिहार

  2.  पी.डी.एम. 54, 84-139, 84-143 पंजाब, हरियाणा

  3.  पी.डी.एम. 11,

  4.  एम.एल.-337, पंत मूंग-3 पश्चिम बंगाल

  5.  एम.यू.एम. 2, एम.एच. 88-111 दिल्ली एवं असम, उ.प्र. उत्तीय राजस्थान

  6.  चुर्णित आसिता टी.ए.आर.एम. 1, पूसा 9072 उडीसा, कर्नाटक, आन्ध प्रदेश, तमिलनाडु

यांत्रिक उपाय :-

  1. प्रकाश प्रपंच (125 वाट मरक्यूरी वेपर बल्ब युक्त) का कीटों के आंकलन हेतु उपयोग करें ।

  2.  हानिकारक कीटों की विभिन्न अवस्थाओं को प्रारंभ में ही हाथों से एकत्रित कर नष्ट करें ।

रसायनिक उपाय :-

  1. फोरेट या काबोयूरान 1.0 कि.ग्रा. /हे की दर से मिट्टी में बोनी के समय मिलाए जिससे पीला मोजेक वायरस का आक्रमण कम किया जा सकता है।

खरपतवार नियंत्रण :-

  1. अन्तर सस्य क्रियाओं एवं निदाई गुड़ाई के द्वारा बुआई के 4 से 6 बाद तक फसल को नींदा रहित रखना चाहिए।

  2. खेत की तैयारी, समय पर बोनी, उचित बीज दर, उर्वरक प्रबंधन से अच्छी फसल प्राप्त की जा सकती है।

M.P. Krishi
 
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