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नत्रजन 120 कि.ग्रा./हे खरीफ में
फास्फोरस 60 कि.ग्रा./हे पोटाश 40 कि.ग्रा./हे उर्वरक की मात्रा
मिट्टी के प्रकार एवं स्थान पर निर्भर करता है।
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नत्रजन की आधी मात्रा बेसल
के रूप में डाले और मिट्टी में मिलाए।
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सूक्ष्म पोषक तत्व जिंक के
लिए अम्लीय क्षारीय भूमि में 100 कि.ग्रा./हे जिंक सल्फेट तीन
साल में एक बार डाले।
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जहां टॉप डेसिंग ज्यादा पानी
जमाव के कारण संभव न हो वहां नत्रजन उर्वरक को बोनी के समय नीम
केक डामर की परत चढ़ी यूरिया का उपयोग करें।
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जैविक खाद जैसे नील हरित
शैवाल या एजोला के द्वारा 20-25 कि.ग्रा. नत्रजन
/हे की प्राप्ति होती है।
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नील हरित शैवाल या एजोला को
उगाने के लिए फॉस्फोरस ( 4-20 कि.ग्रा. फास्फोरस पेंटाऑक्साइड
/हे एवं मौलीबिडनम ( 2 मि.ग्रा. सोडियम मौलीबिडेट का उपयोग करें।
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दूसरी विधि में एजोला को उगाने के
लिए ठहरे हुए पानी में 1 टन
/हे एजोला को रोपाई के 7 दिन बाद
खेत में मिलाए। 15 दिन बाद यह एक जाल बना लेता है जिसे भूमि
में मल्चिंग के द्वारा मिलाए।
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नील हरित शैवाल के लिए 10
कि.ग्रा./हे नील हरित शैवाल को ही खेत में रोपाई के बाद मिलाए।
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नील हरित शैवाल एवं एजोला को
पूरे वर्ष प्राप्त करने के लिए छोटी सीमेंट की टंकी या नली में
रखा जा सकता है।
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नील हरित शैवाल को रोपाई के
1 सप्ताह बाद देना चाहिए।
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नील हरित शैवाल का उपयोग करते
समय खेत में 10 से 15 से.मी. पानी रहना चाहिए।
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फास्फोरस की अनुमादित मात्रा
को मिलाए।
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एक तिहाई नत्रजन की मात्रा
को खेत में दे।