कृषक हितेषी
कृषक हितेषी निर्णय
सफलता की कहानी
कृषि दर्शन
मण्डी भाव
कृषि समाचार
फोटो गैलरी
कृषि संबंधित जानकारी 
फसल केप्सूल
आकस्मिक कार्य योजना
बीज
उर्वरक
पौध संरक्षण
मिट्टी परीक्षण
कृषि यंत्रीकरण
बीज गुणवत्ता
उर्वरक गुणवत्ता
कृषि सांख्यिकी
जैविक खेती
जैविक खेती
उत्पाद पंजीकरण
जैविक कृषि नीति
खेती को लाभकारी बनाने के लिए सुझाव
विभागीय गतिविधियाँ
नोटिस बोर्ड
वरिष्ठता / स्थानांतरण सूचि
परिपत्र
निविदाएं
प्रकाशन
मुद्रा 2015-16
फसल सिफारिशें

खरीफ फसल - सूरजमुखी

 कीट प्रबंधन - सूरजमुखी


कीट

बेमेसिया टैबेकी

 

प्रचलित नाम

सफेद मक्खी

 

क्षति

 -

आई.पी. एम

  1. गहरी जुताई करें।

  2. खेत में साफ सफाई करें।

  3. अन्तरवर्तीय फसल के रूप में अरहर 2:1 के अनुपात में उगाए।

नियंत्रण

  1. इमीडोक्लोपरीड 5 ग्राम/कि.ग्रा बीज की दर से बीज उपचार करें।


कीट

स्पाइजोसोमा स्पी.

 

 

प्रचलित नाम

पत्ती खाने वाली इल्ली

क्षति

-

आई.पी. एम

  1. गहरी जुताई करें।

  2. खेत में साफ सफाई करें।

  3. अन्तरवर्तीय फसल के रूप में अरहर 2:1 के अनुपात में उगाए।

  4. हानिकारक कीटों के अण्ड समूह इल्लियों को एकत्रित कर बाँसों पर रखे

नियंत्रण

  1. कीट का आर्थिक देहली स्तर कम होने पर नीम आधारित कीटनाशकों का छिड़काव करें।

  2. यदि कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर से ज्यादा हो तो निम्नलिखित कीटनाशकों का छिड़काव करें।

  3. फोसोलीन 35 ई.सी. 1000 मि.ली/हे की दर से छिड़काव करें।


कीट

एमरासका बिगुलेटा

 

 

प्रचलित नाम

फुदका ( जेसिड )

क्षति

  1. वयस्क और शिशु दोनों पौधे का रस चूसते है।

  2. संक्रमक पत्तियां हल्के पीले रंग की हो जाती है।

  3. अधिक संक्रमण पर पत्तियां अन्दर की ओर मुड़ जाती है।

  4. पत्तियों के किनारे हल्के गुलाबी हो जाते है।

आई.पी. एम

  1. खेत में और मेढ़ों पर एवं आसपास सफाई रखें।

  2. समय पर बोनी करें।

  3. अधिक मात्रा में नत्रजन का उपयोग न करें।

  4. अगर फसल के आसपास खेतों में जेसिड का प्रकोप हो तो उचित उपाय करें।

  5. अरहर को अन्तरवर्तीय फसल के रूप में 2:1 के अनुपात में उगाए।

नियंत्रण

निम्नलिखित कीटनाशकों में कोई भी निंयत्रण के लिए उपयोग करें।

  1. डाईमेथोएट 30 ई.सी. 650 मि.ली/हे की दर से या डाईमेटोन 25 ई.सी. 650 मि.ली/हे या फास्फोमिडान 85 एस.एल. 300 मि.ली/हे की दर से यह छिड़काव 600 लीटर पानी/हे के साथ करना चाहिए।

  2. अगर प्रकोप बना रहता है तो दूसरा छिड़काव 15 से 20 दिन बाद करे।


कीट

एग्रोटिस इप्सीलोन

 

प्रचलित नाम

चने की इल्ली

 

 

 

क्षति

  1. यह कीट बहुभोजी है।

  2. लार्वा अकुंरित पौधों को जमीन या जमीन के ऊपर से काटता है जिससे अकुंरित पौधे मर जाते है।

  3. लार्वा का ऊपर का भाग भूरे रंग का होता है एवं हल्की स्लेटी रंग की धारी होती है।

  4. बाजूओं में काली धारियां होती है।

  5. बाजू हरे रंग का होता है।

आई.पी. एम

  1. गर्मी में गहरी जुताई करें।

  2. खेत और इसके आसपास मेढ़ों आदि में सफाई रखें।

  3. खरपतवार नष्ट करें।

  4. रिज और फेरो विधि से बोनी करें।

  5. कीट के लार्वा को हाथ से एकत्रित करवाकर नष्ट करें।

  6. अरहर को अन्तरवर्तीय फसल के रूप में 2:1 के अनुपात में उगाए।

नियंत्रण

  1. कीटनाशकों का उपयोग आर्थिक देहली स्तर को पार करने पर ही करना चाहिए।

  2. क्लोरोफायरीफॉस 20 ई.सी. 3.75 लीटर/हे को मिट्टी में छिड़काव करे।


कीट

प्रीइस्टाकूला क्रमेरी

 

प्रचलित नाम

पक्षियों द्वारा नुकसान

  

क्षति

  1. दूध भरते समय से कटाई तक पक्षी फसल को नुकसान पंहुचाते है।

आई.पी. एम

  1. पौधों की जल्दी रोपाई करें।

  2. पक्षियों को भगाने के लिए खेत में बुत बनाये।

  3. पटाखे फोड़े।

  4. सुरजमुखी की खेती बड़े पैमाने पर करें।

  5. पक्षियों को घोंसले को खेत और उसके आसपास नष्ट करें।

नियंत्रण

  1. 10 ग्राम/लीटर नीम कर्नल के चूर्ण के घोल का अकुंरण पूर्व छिड़काव करें।


कीट

सिप्लोसोमा ओब्लिका

 

प्रचलित नाम

बिहार की रोएदार इल्ली
 

 

 

 

क्षति

  1. कीट ग्रस्त पत्तियों का सूखना इस कीट के आक्रमण का प्रमुख लक्षण है।

आई.पी. एम

  1. गर्मी में गहरी जुताई करें।

  2. अच्छी तरह सड़ी हुई देशी खाद का उपयोग करें।

  3. समय पर बोआई और स्वच्छ खेती करें।

  4. हानिकारक कीटों के अण्ड समूह इल्लियों को एकत्रित कर नष्ट करें।

  5. कीट का प्रकोप रोकने के लिए अरहर के साथ 2:1 के अनुपात में अन्तरवर्तीय फसल उगाए।

नियंत्रण

  1. यदि कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर से कम हो तो 5 प्रतिशत नीम आधारित कीटनाशकों का छिड़काव करें।

  2. यदि कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर से अधिक हो तो निम्नलिखित में से कोई भी कीटनाशक का छिड़काव करें।


कीट

हेलीकोवरपा अर्मीजिरा

 

प्रचलित नाम

चने की इल्ली

 

क्षति

  1. यह कीट बहुभोजी है।

  2. लार्वा अकुंरित पौधों को जमीन या जमीन के ऊपर से काटता है जिससे अकुंरित पौधे मर जाते है।

  3. लार्वा का ऊपर का भाग भूरे रंग का होता है एवं हल्की स्लेटी रंग की धारी होती है।

  4. बाजूओं में काली धारियां होती है।

  5. बाजू हरे रंग का होता है।

आई.पी. एम

  1. गर्मी में गहरी जुताई करें।

  2. खेत और इसके आसपास मेढ़ों आदि में सफाई रखें।

  3. खरपतवार नष्ट करें।

  4. रिज और फेरो विधि से बोनी करें।

  5. कीट के लार्वा को हाथ से एकत्रित करवाकर नष्ट करें।

  6. अरहर को अन्तरवर्तीय फसल के रूप में 2:1 के अनुपात में उगाए।

नियंत्रण

  1. कीटनाशकों का उपयोग आर्थिक देहली स्तर को पार करने पर ही करना चाहिए।

  2. क्लोरोफायरीफॉस 20 ई.सी. 3.75 लीटर/हे को मिट्टी में छिड़काव करे।


कीट

थाईसेनोप्लूसिया ओरीकेलसिया

 

प्रचलित नाम

हरी अर्धकुंडलाकार इल्ली

 

क्षति

  1. यह सुरजमुखी की पत्तियां खाने वाला प्रमुख कीट है।

आई.पी. एम

  1. गर्मी में गहरी जुताई करें।

  2. अच्छी तरह सड़ी हुई देशी खाद का उपयोग करें।

  3. समय पर बोआई और स्वच्छ खेती करें।

  4. हानिकारक कीटों के अण्ड समूह इल्लियों को एकत्रित कर नष्ट करें।

  5. कीट का प्रकोप रोकने के लिए अरहर के साथ 2:1 के अनुपात में अन्तरवर्तीय फसल उगाए।

नियंत्रण

  1. निम्नलिखित में से कोई भी कीटनाशक का उपयोग करे
    2 प्रतिशत मिथाइल पैराथीओन पाऊडर का 25 कि.ग्रा. /हे की दर से भुरकाव करें।
    0.05 प्रतिशत इल्डोसल्फान
    0.05 प्रतिशत डाईक्लारोवॉस
    0.05 प्रतिशत फेनीट्रोथीओन
    इन तीनों कीटनाशको का छिड़काव 600 -700 लीटर पानी में प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।


कीट

स्पोडेटेरा लीटूरा

 

प्रचलित नाम

तम्बाखू इल्ली

 

क्षति

  1. यह कीट पत्तियों पर आक्रमण करता है।

आई.पी. एम

  1. गर्मी में गहरी जुताई करें।

  2. अच्छी तरह सड़ी हुई देशी खाद का उपयोग करें।

  3. समय पर बोआई और स्वच्छ खेती करें।

  4. हानिकारक कीटों के अण्ड समूह इल्लियों को एकत्रित कर नष्ट करें।

  5. कीट का प्रकोप रोकने के लिए अरहर के साथ 2:1 के अनुपात में अन्तरवर्तीय फसल उगाए।

नियंत्रण

  1. निम्नलिखित में से कोई भी कीटनाशक का उपयोग करें।

  2. 20 ई.सी. फेनवेलरेट 150 मि.ली/हे की दर से

  3. 25 ई.सी. साइपरमेथरीन 125 मि.ली/हे की दर से

  4. 2.8 ई.सी. डेल्टामेथरीन 375 मि.ली/हे की दर से


M.P. Krishi
 
किसान को दी जाने वाली सुविधायें |डाउनलोड फॉण्ट|डिस्क्लेमर|वेब सूची|उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका|ू. दिगदर्शिका|अचल सम्पति

वेबसाइट:आकल्पन,संधारण एवं अघयतन क्रिस्प भोपाल द्वारा   
This site is best viewed in IE 6.0 and above with a 1024x768 monitor resolution
कृषिनेट  पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी, फोटो, लिंक, विडियो कल्याण तथा कृषि विकास संचालनालय एवं विभाग के अन्य सहयोगी संस्थानों द्वारा उपलब्ध करायी गई है