कृषक हितेषी
कृषक हितेषी निर्णय
सफलता की कहानी
कृषि दर्शन
मण्डी भाव
कृषि समाचार
फोटो गैलरी
कृषि संबंधित जानकारी 
फसल केप्सूल
आकस्मिक कार्य योजना
बीज
उर्वरक
पौध संरक्षण
मिट्टी परीक्षण
कृषि यंत्रीकरण
बीज गुणवत्ता
उर्वरक गुणवत्ता
कृषि सांख्यिकी
जैविक खेती
जैविक खेती
उत्पाद पंजीकरण
जैविक कृषि नीति
खेती को लाभकारी बनाने के लिए सुझाव
विभागीय गतिविधियाँ
नोटिस बोर्ड
वरिष्ठता / स्थानांतरण सूचि
परिपत्र
निविदाएं
प्रकाशन
मुद्रा 2015-16
फसल सिफारिशें
रबी फसल - अल्सी
 आई. पी. एम.
  1. खेत से पौधे के अवशेष अलग कर दें।
  2.  रोग मुक्त बीजों का उपयोग करें।
  3.  गहरी जुताई करनी चाहिए।
  4.  गेहूँ, चना की अन्तरवर्तीय फसल अलसी के साथ ले।
  5.  अत्याधिक सिंचाई करने से बचे।
  6.  अत्याधिक नत्रजन का उपयोग न करे।
  7.  रोग प्रभावित खेतों में फसल चक्र अपनाए।
  8.  रोग रहित सीड बेड का उपयोग करें।
  9.  खाद व उर्वरक का सतुंलित मात्रा में उपयोग करें।

 अलसी के लिए एकीकीकृत कीट प्रंबधन :-

  1. गर्मी में गहरी जुताई करें।
  2.  खेत में हेलीकोवरपा के लिए साप्ताहिक निरीक्षण करें।
  3. प्रकाश और फेरामोन ट्रेपृ का ( 5 से 7 टे्रप/हे-ज्ञतनजप क्मअ 010 अमय का उपयोग करें।
  4. समय पर बोनी करें।
  5.  गेहूँ या चने के साथ अन्तरवर्तीय फसल लें।
  6.  कतार से कतार की दूरी 30 से.मी. रखें।
  7.  लेडी बर्ड बीटल, क्राईसोपा, स्टीन्क बग का संरक्षण करें।

कटाई एवं गहाई
कटाई :-  
  1. जब पौधों की पत्तियां सूख जाए बौड़ियां भूरी पड़ जाए एवं दाने चमकीले हो जाए उस समय फसल की कटाई कर लेना चाहिए।

छटाई:-

  1. कटाई के बाद लकड़ी या बैलों से दाऊन करें।
  2.  यह दानों को फल्लियों से अलग करने में सहायक होता है।

उठावनी :-

  1. जानकारी उपलब्ध नहीं है

M.P. Krishi
 
किसान को दी जाने वाली सुविधायें |डाउनलोड फॉण्ट|डिस्क्लेमर|वेब सूची|उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका|ू. दिगदर्शिका|अचल सम्पति

वेबसाइट:आकल्पन,संधारण एवं अघयतन क्रिस्प भोपाल द्वारा   
This site is best viewed in IE 6.0 and above with a 1024x768 monitor resolution
कृषिनेट  पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी, फोटो, लिंक, विडियो कल्याण तथा कृषि विकास संचालनालय एवं विभाग के अन्य सहयोगी संस्थानों द्वारा उपलब्ध करायी गई है