कृषक हितेषी
कृषक हितेषी निर्णय
सफलता की कहानी
कृषि दर्शन
मण्डी भाव
कृषि समाचार
फोटो गैलरी
कृषि संबंधित जानकारी 
फसल केप्सूल
आकस्मिक कार्य योजना
बीज
उर्वरक
पौध संरक्षण
मिट्टी परीक्षण
कृषि यंत्रीकरण
बीज गुणवत्ता
उर्वरक गुणवत्ता
कृषि सांख्यिकी
जैविक खेती
जैविक खेती
उत्पाद पंजीकरण
जैविक कृषि नीति
खेती को लाभकारी बनाने के लिए सुझाव
विभागीय गतिविधियाँ
नोटिस बोर्ड
वरिष्ठता / स्थानांतरण सूचि
परिपत्र
निविदाएं
प्रकाशन
मुद्रा 2015-16
फसल सिफारिशें

रबी फसल - अल्सी
  1.  सिंचित अलसी के लिए 60 कि.ग्रा. नत्रजन 30 कि.ग्रा. स्फुर एवं 20 कि.ग्रा. पोटाश का उपयोग करें।
  2.  असिंचित अलसी के लिए 40 कि.ग्रा. नत्रजन 20 कि.ग्रा. स्फुर एवं 10 कि.ग्रा. पोटाश का उपयोग करें।

सुझाव  

असिंचित गेहूँ के लिए

  1.  कम और ज्यादा तापमान हानिकारक है।
  2.  गहरी काली और मध्यम मिट्टी में बोनी करें।
  3.  मिट्टी गहरी,भुरभुरी होना चाहिए।
  4.  प्रमाणित और अच्छी गुणवत्ता, अच्छी अकुंरण क्षमता वाले बीजों का उपयोग करें। अपने क्षेत्र के लिए अनुमोदित किस्मों का उपयोग करें।
  5.  मध्य प्रदेश में अक्टूबर के मध्य में बोनी करना चाहिए।
  6.  यदि सिंचाई उपलब्ध हो तो नवम्बर तक बोनी की जा सकती है।
  7.  बीज शोधन के तीन दिन पहले बीज उपचार करना चाहिए।
  8.  यदि सल्फर की कमी हो तो सल्फरयुक्त उर्वरकों की उचित मात्रा डालना चाहिए।
  9.  सुझाव के अनुरूप ही उर्वरकों का उपयोग करें।
  10.  मिट्टी को ढीली और भुरभुरी करने के निदाई गुडाई करना चाहिए।
  11.  बुआई के 30 से 35 दिन बाद तक खरपतवार नियंत्रण करना चाहिए।
  12.  पानी का जमाव हो तो जल निकास की ब्यवस्था करें।
  13.  कीडों से बचाव हेतू अनुकूल उपाय करें।
  14.  अलसी के साथ निम्नलिखित फसलें उगाए
    चने और अलसी
    अलसी और गेहूं
  15.  जब फली का रंग पीले से भुरा हो जाए एवं दाना चमकीला हो जाए तब कटाई करनी चाहिए।
  16.  कटाई के बाद फसल को अच्छी तरह सुखाए। 

M.P. Krishi
 
किसान को दी जाने वाली सुविधायें |डाउनलोड फॉण्ट|डिस्क्लेमर|वेब सूची|उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका|ू. दिगदर्शिका|अचल सम्पति

वेबसाइट:आकल्पन,संधारण एवं अघयतन क्रिस्प भोपाल द्वारा   
This site is best viewed in IE 6.0 and above with a 1024x768 monitor resolution
कृषिनेट  पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी, फोटो, लिंक, विडियो कल्याण तथा कृषि विकास संचालनालय एवं विभाग के अन्य सहयोगी संस्थानों द्वारा उपलब्ध करायी गई है